52 साल की उम्र, 26वीं बार Mt Everest की चढ़ाई, इस नेपाली शेरपा ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा

काठमांडू, 8 मई: नेपाल के एक शेरपा ने 52 साल की उम्र में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करके अपना ही पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। कामी रीता शेरपा सबसे ज्यादा बार विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोही हैं और शनिवार को उन्होंने यह काम 26वीं बार पूरा किया है। वह अपने साथ 10 और शेरपाओं को लेकर एवरेस्ट पर पहुंचे हैं। उन्होंने माउंट एवरेस्ट तक रस्सी लगाने का काम पूरा किया है, ताकि इस साल के पर्वतारोहण सीजन में दूसरे पर्वतारोहियों के अभियान को थोड़ा आसान किया जा सके। कामी की इस सफलता पर सबसे ज्यादा खुश होने वालों में उनकी पत्नी भी शामिल हैं।

52 साल की उम्र में 26वीं बार एवरेस्ट की चढ़ाई

52 साल की उम्र में 26वीं बार एवरेस्ट की चढ़ाई

52 वर्षीय नेपाली पर्वतारोही कामी रीता शेरपा ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नेपाली एक्स्पिडिशन प्लानर सेवन समिट ट्रेक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजर दावा शेरपा ने रविवार को बताया बताया कि रीता अपने ग्रुप के 10 शेरपाओं को लेकर स्थानीय समय के मुताबिक शनिवार शाम 6.55 बजे 8,848.86 मीटर ऊंची चोटी पर चढ़ गए। मई में शुरू हो रहे पर्वतारोहण मौसम से पहले पर्वतारोहियों की सहायता करने के लिए शेरपाओं ने ट्रेकिंग मार्ग में रस्सियों को ठीक करने का अभियान चलाया है।

कामी रीता शेरपा की पत्नी काफी उत्साहित हैं

कामी रीता शेरपा की पत्नी काफी उत्साहित हैं

इस साल नेपाल के पर्यटन विभाग ने एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के लिए 316 लोगों को परमिट जारी किया है। रीता ने पहली बार 13 मई, 1994 को एवरेस्ट फतह किया था। रीता ने अपना पहला रिकॉर्ड पिछले साल कायम किया था। शेरपा ने इस बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए परंपरागत दक्षिण-पूर्वी रीज रूट का ही इस्तेमाल किया है। गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को काठमांडू में नेपाल के पर्यटन विभाग के डायरेक्टर जनरल तारानाथ अधिकारी ने कहा, 'कामी रीता ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है और पर्वतारोहण का एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है।' कामी रीता की पत्नी जंगमु अपने पति की कामयाबी से बेहद उत्साहित हैं।

पिछले साल से कम पर्वतारोहियों की दी गई परमिट

पिछले साल से कम पर्वतारोहियों की दी गई परमिट

कामी रीता ने एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए जो रूट उपयोग किया है, 1953 में उसी के रास्ते सर एडमंड हिलेरी और नेपाली शेरपा तेंजिंग भी विश्व की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़े थे, जो कि इसका सबसे लोकप्रिय मार्ग है। पिछले साल नेपाल ने 408 पर्वतारोहियों को चोटी पर चढ़ने का परमिट दिया था, जो कि सबसे ज्यादा था। लेकिन इस बार इसकी संख्या उसके मुकाबले कम की गई है। नेपाली अधिकारियों ने यह भी बताया है कि रूसी पर्वतारोही पवेल कोस्ट्रिंकिन की माउंट एवरेस्ट के कैंप I में मौत हो गई, जो कि इस सीजन में किसी विदेश की पहली मौत है। अधिकारियों के मुताबिक जब मौसम की स्थिति में सुधार होगा तो शव को काठमांडू लाया जाएगा।

माउंट एवरेस्ट पर 10,657 बार हो चुकी है चढ़ाई

माउंट एवरेस्ट पर 10,657 बार हो चुकी है चढ़ाई

1953 में जब पहली बार नेपाल और तिब्बत की ओर से एवरेस्ट पर चढ़ाई की गई थी, तब से लेकर इस पर 10,657 बार चढ़ाई हो चुकी है। कई पर्वतारोही अनेकों बार चढ़ाई कर चुके हैं। नेपाली डेटाबेस के अनुसार ऐसे अभियानों में अबतक 311 लोगों की मौत हो चुकी है। 2019 में नेपाल ने काफी लोगों को जाने की इजाजत दे दी थी, जिससे वहां भीड़ लगी थी और कई पर्वतारोहियों ने दम तोड़ दिया था, जिसको लेकर नेपाल की काफी शिकायत भी हो चुकी है। (सभी तस्वीर-फाइल, कामी रीता शेरपा की तस्वीर ट्विटर वीडियो से)

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