मुंबई हमले के हैंडलर साजिद मीर को पाकिस्तान में 15 साल की सजा, पहले कहा था, हो चुकी है मौत
साजिद मीर के बारे में अब तक यह जानकारी थी कि उसकी मौत हो चुकी है। पाकिस्तान की एक आतंकवाद-रोधी अदालत ने 2008 के मुंबई हमलों के मुख्य संचालक को आतंकी वित्तपोषण मामले में 15 साल से अधिक की जेल की सजा सुनाई है।
इस्लामाबाद, 25 जून : भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों में से एक और मुंबई के 26/11 हमले का मुख्य हैंडलर साजिद मीर को पाकिस्तान में 15 साल की सजा सुनाई गई है। इसी के साथ पाकिस्तान का एक और सबसे बड़ा झूठ भी सबके सामने आ गया है। पाकिस्तान इससे पहले दावा करता रहा है कि मुंबई हमले का मुख्य हेंडलर साजिद मीर उसके देश में नहीं है , शायद वह मर चुका है। लेकिन अब लाहौर की एंटी टेररिजम कोर्ट द्वारा उसे सजा सुनाए जाने से पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश हो गया है।

26/11 के मुंबई हमलों में 166 लोग मारे गए थे
साजिद मीर, जिसे सिर पर 5 मिलियन अमरीकी डालर का इनाम है 26/11 के मुंबई हमलों में अपनी भूमिका के लिए भारत की सबसे वांछित सूची में है जिसमें 166 लोग मारे गए थे।

आतंकी साजिद को 15 साल की सजा
सज्जाद मीर के बारे में अब तक यह जानकारी थी कि उसकी मौत हो चुकी है। लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के नेताओं के आतंकवाद वित्तपोषण मामलों से जुड़े एक वरिष्ठ वकील ने शुक्रवार को पीटीआई को बताया कि लाहौर में एक आतंकवाद विरोधी अदालत ने इस महीने की शुरुआत में आतंकवाद के वित्तपोषण के मामले में प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक कार्यकर्ता साजिद मजीद मीर को 15 साल की जेल की सजा सुनाई है।

लाहौर की जेल में है आतंकी साजिद
आतंकी मीर, एक दशक तक अमेरिका और भारत दोनों की वांछित सूची में था। उस पर 4 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया है। वकील ने आगे बताया कि साजिद मीर को अप्रैल में गिरफ्तार किया गया था, तब से वह लाहौर की कोट लखपत जेल में है।
पाकिस्तान की चाल
बता दें कि पहले यह माना जाता था कि मीर मर चुका है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की आखिरी बैठक से पहले, पाकिस्तान ने कथित तौर पर एजेंसी को बताया कि उसने साजिद मीर को FATF की 'ग्रे लिस्ट' से हटाने की मांग करने के लिए गिरफ्तार किया था और उस पर मुकदमा चलाया था।









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