IPEF: चीन की इकोनॉमी की कमर तोड़ने पर 13 देशों के साथ भारत का समझौता, मोदी-बाइडेन का बड़ा वार

IPFE देश एक सप्लाई चेव काउंसिल, क्राइसिस रिस्पॉन्स नेटवर्क और लेबर राइट्स एडवाइजरी नेटवर्क स्थापित करने पर सहमत हुए। ये सौदा भविष्य की श्रृंखला संकटों से निपटने और चीन पर उनकी निर्भरता को कम करने में मदद करेगा।

IPEF

चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने और भविष्य की आपूर्ति संकट को पूरा करने, कनेक्टिविटी में सुधार के साथ-साथ महत्वपूर्ण क्षेत्रों और सहयोग में निवेश को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका और भारत सहित इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क (IPEF) में 14 भागीदार देशों ने एक समझौता किया है।

इस सप्ताह के अंत में अमेरिका के डेट्रायट में IPEF देशों की दूसरी व्यक्तिगत मंत्रिस्तरीय बैठक में व्यापार, स्वच्छ और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था के स्तंभों की प्रगति को भी रेखांकित किया गया। स्वच्छ अर्थव्यवस्था के लिए देशों ने एक क्षेत्रीय हाइड्रोजन पहल स्थापित करने पर सहमति जताई है।

मंत्रिस्तरीय बैठक में, उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए क्षेत्र में और विकास को गति देने के लिए लचीली आपूर्ति श्रृंखला और एक स्वच्छ और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।

अमेरिकी वाणिज्य सचिव जीना रायमोंडो ने ट्वीट किया कि उन्हें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि IPEF ने अपनी तरह के पहले सप्लाई चेन समझौते पर बातचीत पूरी कर ली है। उन्होंने इस सौदे को एक बड़ी बात बताया।
जीना रायमोंडो ने कहा कि पहली बार आपूर्ति श्रृंखलाओं पर एक अंतरराष्ट्रीय समझौता होगा जो पूरे भारत-प्रशांत में 14 भागीदारों को एक साथ लाएगा।

आपको बता दें कि भारत ने बीते साल IPEF के व्यापार समूह से खुद को अलग कर लिया था। जबकि वह इस ग्रुप के बाकी तीन क्षेत्रों- आपूर्ति शृंखला, हरित अर्थव्यवस्था और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है। हालांकि व्यापार समहू में एक पर्यवेक्षक देश बना हुआ है।

अमेरिका ने बीते साल चीन के बढ़ते दबदबे पर लगाम लगाने के लिए एशिया में एक नया इकनॉमिक फोरम, इंडो-पैसिफिक इकनॉमिक फ्रेमवर्क (IPEF) को लॉन्च किया था। 23 मई को टोक्यो में इसका गठन किया गया था। इसके 14 सदस्य देशों का वैश्विक जीडीपी में कुल 40 प्रतिशत का योगदान है।

आईपीईएफ सदस्य देश

1- भारत

2- अमेरिका

3- ऑस्ट्रेलिया

4- ब्रुनेई

5- फिजी

6- इंडोनेशिया

7- जापान

8- दक्षिण कोरिया

9- मलेशिया

10- न्यूजीलैंड

11- फिलीपींस

12- सिंगापुर

13- थाईलैंड

14- वियतनाम

IPEF की स्थापना अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन की पहल पर हुई है। इंडो-पैसिफिक इकनॉमिक फ्रेमवर्क को भारत-प्रशांत क्षेत्र में चीन के तेजी से बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए एक सामूहिक प्रयास कहा जा सकता है। इस ग्रुप का उद्देश्य ग्रुप के 14 देशों में सप्लाई चेन बनाकर चीन से इन देशों की निर्भरता कम करना है।

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