पहले पटवारी बने फिर टीचर, अब हैं IPS अफसर, पढ़ें संघर्ष की कहानी

नई दिल्लीः 'जीवन में चाहे कुछ भी बन जाओ लेकिन कभी घमंड मत करना' ये कहना है कि आईपीएस प्रेम सुख डेलू का, जो फिलहाल एसपी हैं। एसपी बनने तक आईपीएस अफसर का सफर आसान नहीं रहा। आईपीएस बनने से पहले उन्होंने बहुत संघर्ष किया, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। उनके संघर्ष की कहानी काफी प्रेरणादायक है।

 हिंदी माध्यम के विद्यार्थी रहे हैं प्रेम

हिंदी माध्यम के विद्यार्थी रहे हैं प्रेम

राजस्थान के एक गांव में सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। जब छठी क्लास में आए तो पहली बार ABCD बढ़ी। मतलब छठी क्लास से अंग्रेजी भाषा का ज्ञान हुआ। वो शुरू से ही हिंदी माध्यम के विद्यार्थी रहे हैं। प्रेम सुख का कहना है कि मैंने उन छात्रों को चुनौती पेश की थी तो अंग्रेजी में पढ़कर आए थे।

पटवारी से की थी जीवन की शुरुआत

पटवारी से की थी जीवन की शुरुआत

प्रेम सुख कहते हैं कि मैंने अपने जीवन की शुरुआत पटवारी से की थी। पटवारी के बाद ग्राम सेवक बने। उसके बाद थर्ड ग्रेड टीचर, फिर 2nd क्लास टीचर, असिस्टेंट जेलर, स्कूल लेक्चरर, फिर असिस्टेंट कमांडेंट बन गए। कहानी लंबी लेकिन प्रेरणादायक है। प्रेम सुख की कहानी यहीं नहीं खत्म होती।

2016 में बने आईपीएस

2016 में बने आईपीएस

इसके बाद उन्होंने आरएस क्लीयर की और साल 2016 में आईपीएस भी बन गए। वो अभी रुके नहीं हैं उनका सपना आईएस बनने का है और वो भी आईएस के पेपर में टॉप करने का। वो जनता के भलाई की बात करते हैं और कहते हैं जिंदगी में कभी घमंड मत करना।

DSP तो नहीं बन पाए लेकिन SP बन गए

DSP तो नहीं बन पाए लेकिन SP बन गए

अपने बारे में प्रेम ने एक कहनी सुनाई और कहा कि वो DSP बनने के लिए पेपर दे रहे थे लेकिन बात नहीं बन पाई। कुछ दिन नाराज रहे और मेहनत का फल मिला। DSP तो नहीं बन पाए लेकिन SP बन गए।

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