MP news: थाईलैंड की मांगूर एक्जोटिक मछली पर प्रतिबंध, क्या है इसकी खासियत, जानिए?
भारत शासन द्वारा ग्रीन ट्रिब्यूनल रिवोल्यूशन के अनुसार थाईलैंड मांगूर (Claias-garriepinus) के पालन को पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। प्रतिबंध के उपरांत भी यदि जिले में थाईलैंड मांगूर पालन, परिवहन, क्रय विक्रय करते हुए पाए जाने पर नष्टीकरण की कार्यवाही तथा कठोर कारावास की कार्यवाही की जायेगी।
सहायक संचालक मत्साद्योग एम.के. पानखेड़े ने बताया कि, यह कार्यवाही मछली पालन विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से की जायेगी। उक्त थाईलेंड मांगूर मछली के सेवन करने से जानलेवा घातक बीमारियां हो रही है। अपील कि गई है कि किसी भी व्यक्ति, समूह द्वारा तालाबों में थाईलैंड मांगूर मछली का पालन अथवा उसका क्रय, विक्रय नहीं किया जाये।

अवैध शिकार की गई 85 किलोग्राम मछलियां पकड़ी
जिला मत्स्य विभाग ने सतर्कता के साथ कार्रवाई करते हुए अवैध शिकार की गई 85 किलोग्राम मछलियां पकड़ी। सहायक संचालक मत्स्य श्रीमती सोना यादव ने बताया कि आगामी 15 अगस्त तक बंद ऋतू के कारण मत्स्य आखेट प्रतिबंधित है। प्रतिबंध अवधि में मत्स्य आखेट करने पर विभाग के कर्मचारियों ने जावरा फाटक स्थित बाजार से लगभग 7 हजार रुपए मूल्य की 85 किलोग्राम मेजर कार्प मछली जप्त की। कार्रवाई में विभाग के मत्स्य निरीक्षक एन.एस. दंडोतिया, भृत्य मनोज शामिल थे।
प्रतिबंधात्मक मांगूर मछली पालन पर हुई कार्रवाई
इंदौर जिले में प्रतिबंधात्मक मांगूर मछली का पालन पाए जाने पर मछली पालन विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। संबंधित मछली पालक के निजी भूमि पर बने तालाब से मछली पालन विभाग के दल द्वारा थाईलैंड की मांगूर मछली को नष्ट किया गया। सहायक संचालक मत्स्योद्योग एम. के. पानखेड़े ने बताया कि, प्रतिबंधात्मक मांगूर मछली का पालन किये जाने की सूचना प्राप्त होने पर दल गठित कर मौके पर भेजा गया। बड़ी कलमेर देपालपुर स्थित मछली पालक के निजी भूमि पर बने तालाब में प्रतिबंधात्मक थाईलैंड मांगूर मछली का पालन किया जा रहा था।
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