5 माह पहले बाइक समेत नदी में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा, पिता अकेले अब भी कर रहे तलाश
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से एक पिता की दर्दभरी कहानी सामने आई है। यह शख्स नदी में पांच माह पहले बहे अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटे की तलाश में भटक रहा है। सरकारी एजेंसियों ने भले ही उम्मीद छोड़ दी, मगर पिता को पांच माह बाद भी उम्मीद है कि एक दिन उनका बेटा जरूर लौटकर आएगा। साथ ही इन्होंने अपने बेटे की जिंदा होने या शव मिलने की सूचना देने वाले को नकद ईनाम दिए जाने की भी घोषणा की है।

21 अगस्त को बहा हिमांशु
जानकारी के अनुसार इंदौर जिले के महू निवासी कमल सिंह कदम का 28 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेटा हिमांशु 21 अगस्त 2020 को घर लौटते समय रास्ते में ग्राम सातेर की पुलिया से नदी में बह गया था। हिमांशु के पानी में बहने की सूचना पर मध्य प्रदेश पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने खोजबीन शुरू की। उसकी बाइक और लैपटॉप तो मिल गया, लेकिन हिमांशु का पता नहीं चला। सप्ताहभर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस व एसडीआरएफ के हाथ कुछ भी न लगा तो तलाश बंद कर दी गई।

गांव-गांव जाकर की पूछताछ
सरकारी स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन बंद होने के बाद कमल सिंह अपने बेटे की तलाश जारी रखी। जिस नदी में वह बहा, उसके किनारों पर खोज रहे हैं। पांच महीने में लगभग वह हर उस गांव में गए, जो नदी किनारे पड़ता है। वहां पर हिमांशु के बारे में पूछताछ की। किसी ने उसे देखा हो और बचा लिया हो या चोट के कारण कहीं उसका इलाज चल रहा हो। उन्हें कोई ठीक से जवाब देता तो कोई नहीं। वे दिल पर पत्थर रखकर शव के बारे में भी पूछ लेते हैं। अब तक सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है।

दो साल शादी नहीं करेगी मंगेतर
एक तरफ हिमांशु के पिता उसकी तलाश में जुटे हैं। वहीं, हिमांशु की मंगेतर को भी उसके लौटकर आने की उम्मीद है। उसकी हिमांशु से दिसम्बर में शादी होने वाली थी। हिमांशु के लापता होने के बाद लड़की से सभी ने दूसरे लड़के से शादी करने के लिए कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। बहुत जोर देने पर यह शर्त रख दी कि वह दो साल तक इंतजार करेगी। इसके बाद भी हिमांशु नहीं लौटता है तो वह दूसरे रिश्ते के बारे में सोचेगी। उससे पहले कतई नहीं।












Click it and Unblock the Notifications