Indore में 'नो थू-थू अभियान', यहां वहां थूकने वालों को मिली ये सजा
इंदौर को रेड स्पॉट से मुक्त करने हेतु नो थू-थू अभियान चलाया जा रहा है, जहां अभियान के अंतर्गत सड़क पर थूकने वालों के खिलाफ नगर निगम की टीम ने चालानी कार्रवाई की है.

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को रेड स्पॉट से मुक्त करने के लिए नई पहल शुरू की गई है, जहां "अब नो थू-थू अभियान" शुरू किया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं आयुक्त प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार शहर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के साथ-साथ शहर को रेड स्पॉट से मुक्त करने हेतु नो थू-थू अभियान के तहत शहर के विभिन्न चौराहों व स्थानों पर डिवाईडर या यहां-वहां थूकने व पीक करने वालो के विरूद्ध रोको-टोको अभियान चलाया जा रहा है। अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर,अधीक्षण यंत्री दिलीप सिंह चौहान, जोनल अधिकारी एवं अन्य द्वारा सफाई व्यवस्था के झोन क्रमांक 10 के निरीक्षण के दौरान खजराना चौराहे पर डिवाईडर पर पीक करने पर शहर को रेड स्पॉट से मुक्त करने के उददेश्य से नो थू-थू तथा रोको-टोको अभियान के तहत झोन नियंत्रकर्ता अधिकारी राकेश सराफ व सीएसआई राजकुमार यादव को स्पॉट फाईन करने के निर्देश दिये गये। सीएसआई द्वारा संबंधित नागरिक के विरूद्ध रूपये 500 की चालानी कार्रवाई की गई।
यहां-वहां थूकना पड़ा महंगा
इसके साथ ही आयुक्त द्वारा समस्त स्वास्थ्य अधिकारियों को शहर के चौराहो पर रोको-टोको अभियान के माध्यम से डिवाइडर व यहां-वहां थूकने व पीक करने वालो के विरूद्ध स्पॉट फाईन की कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये। साथ ही आयुक्त द्वारा शहरवासियों से अपील की है कि आगामी सप्ताह में इंदौर में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के अतिथि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आएगे, उन्होने कहा कि हम सभी विगत 6 वर्षो से लगातार देश में सबसे स्वच्छ शहर होने के साथ ही स्वच्छता के प्रहरी भी है, हमें इस स्वच्छ इंदौर की गरिमा को बनाये रखना है, इसके लिये जरूरी है कि शहर का प्रत्येक जागरूक नागरिक अपने स्वच्छ शहर इंदौर को स्वच्छ व सुंदर बनाये रखने के लिये रोको-टोको अभियान से जुडे व किसी के द्वारा यहां-वहां थूकने व पीक करने पर उसे रोके और टोके, ताकि इंदौर स्वच्छ शहर का सिरमौर बना रहे।
इंदौर इसलिए स्वच्छता में नंबर वन
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर ने वैसे तो स्वच्छता में कई नए आयाम स्थापित किए हैं, लेकिन अबकी बार इंदौर शहर ने बायो सीएनजी प्लांट स्थापित कर बड़ा कमाल कर दिखाया था जिसके चलते इंदौर शहर ने कचरे से कमाई का तरीका पूरे देश को बतलाया है। इतना ही नहीं, इंदौर ने कचरे के कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन पर शत-प्रतिशत यूजर चार्ज वसूलने और जीरो कॉस्ट माडल पेश किया। यही कारण है कि, अबकी बार इंदौर एक बार फिर स्वच्छता सर्वेक्षण में सबसे आगे नजर आया, और अबकी बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर वन आया है।
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