MP Weather: किसान की किस्मत पर पड़े ओले, अब कैसे मिलेगा मुआवजा, जानिए
देशभर के अलग-अलग राज्यों के साथ मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है, जहां लगातार ओलावृष्टि और बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त नजर आ रहा है, तो वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आ रही है। वर्तमान में गेहूं और चने की फसल कटने का समय है, लेकिन ऐसे में अचानक हुए मौसम में परिवर्तन से किसान परेशान नजर आ रहे हैं।
मंगलवार की सुबह से मौसम में हुए परिवर्तन के चलते राजधानी भोपाल समेत मालवा निमाड़ अंचल में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है, जहां खंडवा, खरगोन, उज्जैन और देवास समेत अलग-अलग जिलों से ओलावृष्टि और बारिश की खबरें सामने आती रही। ओलावृष्टि और बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को झेलना पड़ा है, जहां किसानों की खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से तहस-नस हो गई।

मौसम की मार चलने के बाद अब किसानों को सरकार की ओर से मिलने वाले मुआवजे का इंतजार है, जहां इसके लिए अब जल्द ही सर्वे का काम भी शुरू होगा। उज्जैन जिले में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का तत्काल सर्वे कर शीघ्र रिपोर्ट दें। यह निर्देश उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने जिले के समस्त एसडीएम और तहसीलदारों को दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि पुरी गंभीरता के साथ अपने क्षेत्र में फसलों का सर्वे करें। ताकि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके।
किसानों की माने तो मौसम में हुए अचानक परिवर्तन से फसलों के उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा, जहां गेहूं और चने की फसल पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी, तो वहीं जो फसल निकलेगी, उनमें भी दान छोटा और खराब रह जाएगा। किसान बताते हैं कि, जितने बीघा में फसल बोई गई थी, लगभग उतने से आधे में अब उत्पादन होगा, जिसके चलते किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। किसानों की सरकार से मांग है कि, जल्द से जल्द मुआवजे के लिए सर्वे कराया जाए, और उचित मुआवजा दिया जाए।
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