Indore News: इन चौराहों से गुजरने वाले रखें नियमों का ध्यान, पुलिस ने चलाया जांच अभियान
मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस कमिश्नरेट की, गुंडे, बदमाशों एवं असमाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस द्वारा देर रात्रि में कॉम्बिंग गश्त कर, कुल 1253 बदमाशो को चेक करते हुए, उनमे से 630 पर उचित वैधानिक कार्रवाई की है।
शराब पीकर वाहन चलाने वाले 181 लापरवाह वाहन चालकों के विरुद्ध की गई 185 मोटर व्हीकल एक्ट की कार्यवाही की है। महिला संबंधी अपराधों एवं वाहनों में आगजनी व तोडफ़ोड़ जैसे अपराधों में संलिप्त रहे, अपराधियों को भी किया चेक व आगे कोई अपराध ना करने की हिदायत दी।

डिजिटल अरेस्ट को लेकर सख्ती
मध्यप्रदेश में लगातार डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं, जहां लगातार बढ़ते मामले के बाद अब मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।
मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों से डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामले सामने आते रहे हैं, जहां समय समय पर इन मामलों पर मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से कार्रवाई की है। वहीं अब पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट स्कैम से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम एक ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें साइबर अपराधी लोगों को यह विश्वास दिलाते हैं कि उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही हो रही है। यह स्कैम मुख्य रूप से साइबर ठगों द्वारा किया जाता है, जो फर्जी पुलिस अधिकारी, सरकारी एजेंट, या साइबर क्राइम ब्रांच के अधिकारी बनकर लोगों को डराते हैं।
कैसे होता है?
फर्जी कॉल/मैसेजः
अपराधी मनी लॉन्ड्रिंग या साइबर क्राइम का झूठा आरोप लगाते हैं।
डराने-धमकाने की रणनीतिः
गिरफ्तारी या कोर्ट केस का डर दिखाते हैं।
पेमेंट की मांगः
ऑनलाइन फाइन भरने या बैंक डिटेल शेयर करने को कहते हैं।
नकली डॉक्यूमेंट/वीडियो कॉलः
फर्जी पुलिस वारंट या यूनिफॉर्म में वीडियो कॉल कर धोखा देते हैं।
पुलिस कभी ऑनलाइन पेमेंट की मांग नहीं करती।
संदिग्ध कॉल या मैसेज पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
बैंक डिटेल या OTP किसी से शेयर न करें।
किसी भी कानूनी नोटिस की पुष्टि नजदीकी पुलिस स्टेशन में करें।
इंदौर में सामने आया था मामला
मध्यप्रदेश के इंदौर में फर्जी Digital Arrest के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम देने वाली गैंग के सूरत (गुजरात) एवं मैहर (मध्यप्रदेश) के कुल 04 आरोपी, क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार हुए थे। महिला फरियादिया के साथ 01 करोड़ 60 लाख रू की ऑनलाइन ठगी हुई थी।
उक्त ऑनलाइन ठगी से संबंधित सैकड़ों बैंक खातों को पुलिस ने फ्रिज कराया है, जिसमें करोड़ों रूपए के ट्रांजैक्शन मिले थे। गैंग के सदस्य, कॉल पर स्वयं को पुलिस अधिकारी, CBI अधिकारी, RBI अधिकारी होना बताकर फर्जी कूटरचित दस्तावेज भेजकर पुलिस केस में फंसाने का झूठ बोलकर ऑनलाइन पैसे प्राप्त कर वारदात को अंजाम देते थे।
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