देश के सबसे स्वच्छ शहर को मिली नई 'नगर सरकार', युवा पार्षदों के हाथ आई विकास की कमान
इंदौर, 20 जुलाई: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को अपनी नई निगम सरकार मिल गई है, जहां बीजेपी के पुष्यमित्र भार्गव महापौर बने हैं, तो वहीं इस बार भी नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत से जीत हासिल की है। इस बार इंदौर की नई निगम सरकार में कई युवा पार्षद भी अपने-अपने वार्डों की कमान संभालने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं, जहां इन युवाओं पर वार्ड की जनता ने भी भरोसा जताया है, जिस तरह शहर को एक युवा महापौर पुष्यमित्र भार्गव के रूप में मिला है, तो वहीं अलग-अलग वार्डों में भी युवाओं ने अपना अच्छा खासा दम दिखाया। यही कारण रहा कि अबकी बार नई निगम सरकार में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों से कई युवा चेहरे अपने वार्ड के विकास को रफ्तार देने के लिए अपने वार्ड की आवाज नगर निगम में बुलंद करेंगे।

बीजेपी में युवा पार्षदों की लंबी लिस्ट
बीजेपी ने इस बार बतौर महापौर प्रत्याशी जहां युवा चेहरे पुष्यमित्र भार्गव को चुनाव मैदान में उतारा था, तो वहीं इसी तरह वार्डों में भी बीजेपी ने नया प्रयोग करते हुए युवा चेहरों को पार्षद प्रत्याशी बनाया था। बीजेपी की ऐसी ही एक युवा पार्षद प्रत्याशी वार्ड क्रमांक 59 से रूपाली पेंढारकर के रूप में सामने आई थी, जहां रूपाली ने लगभग 700 मतों से जीत हासिल की है। वैसे तो रुपाली को टिकट अपने पिता की राजनीतिक सक्रियता के कारण मिला था, लेकिन बावजूद इसके रुपाली के विकास के विजन को वार्ड की जनता ने पसंद किया, और रूपाली को अपना पार्षद चुना। रुपाली की इच्छा डॉक्टर बनने की है, जहां इसके लिए वे बीएचएमएस की पढ़ाई भी कर रही हैं।

कांग्रेस ने भी दिया युवाओं को मौका
उधर, कांग्रेस के खेमे में नजर डालें तो यहां भी युवा पार्षदों की लंबी लिस्ट नजर आ रही है, जिनमें वार्ड क्रमांक 20 से पार्षद चुनी गई, यशस्वी अमित पटेल का नाम प्रमुख है। यशस्वी अमित पटेल ने अपने वार्ड से लगभग 2400 मतों से जीत हासिल की है। वार्ड के विकास का विजन लेकर चुनाव मैदान में उतरी यशस्वी अमित पटेल का परिवार सियासत में लंबे वक्त से सक्रिय है, जहां यशस्वी के पति अमित पटेल एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके साथ-साथ वह कांग्रेस के कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहते हैं। यही कारण है कि, कांग्रेस ने युवा प्रत्याशी यशस्वी पटेल को मौका देते हुए चुनाव मैदान में उतारा था, जहां यशस्वी पटेल ने जीत हासिल की है।

युवाओं के हाथ विकास की बागडोर
देखा जाए तो इंदौर शहर के विकास की बागडोर इस बार युवाओं के हाथ में नजर आ रही है, जहां पुष्यमित्र भार्गव जैसे युवा महापौर इंदौर शहर को मिले हैं, तो वहीं वार्डों में भी युवा पार्षदों की इस बार लंबी लिस्ट नजर आ रही है, जहां सभी अपने नए विकास के विजन के साथ इंदौर शहर को विकास की रफ्तार दिलाने की तैयारी में जुटे हुए नजर आ रहे हैं। बहरहाल, अब देखना होगा कि स्मार्ट सिटी की ओर आगे बढ़ रहे इंदौर शहर के विकास को पंख लगाने में युवा सोच कितनी कारगर साबित होती है।












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