Indore News: लव जिहाद फंडिंग केस, बाणगंगा पुलिस ने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की बेटी आयशा को दिल्ली से पकड़ा
मध्य प्रदेश के इंदौर में लव जिहाद फंडिंग मामले में फरार चल रहे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की बेटी आयशा कादरी को बाणगंगा पुलिस ने दिल्ली से हिरासत में लिया है। आयशा पर अपने पिता के साथ इस षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप है। बाणगंगा थाना प्रभारी (TI) सियाराम गुर्जर के अनुसार, आयशा को 28 जुलाई 2025 को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 3 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि अनवर कादरी के ठिकाने और इस मामले की गहराई का पता लगाया जा सके। अनवर कादरी, जिसे 'अनवर डकैत' के नाम से भी जाना जाता है, पर 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वह इस मामले में जून 2025 से फरार है।

पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी है। यह खबर इस हाई-प्रोफाइल मामले के ताजा घटनाक्रम, अनवर के आपराधिक इतिहास, और सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव को विस्तार से उजागर करती है।
आयशा की गिरफ्तारी: दिल्ली में पुलिस की दबिश
बाणगंगा पुलिस ने 28 जुलाई 2025 को दिल्ली में एक गुप्त सूचना के आधार पर दबिश दी, जहां आयशा कादरी को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के अनुसार, आयशा अपने पिता अनवर कादरी के साथ दिल्ली में थी और उसके फरार होने के बाद भी संपर्क में थी। पुलिस को शक है कि आयशा को इस फंडिंग नेटवर्क की जानकारी थी और वह अपने पिता की मदद कर रही थी। दबिश के दौरान अनवर फिर से फरार होने में कामयाब रहा, लेकिन आयशा पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
TI सियाराम गुर्जर ने बताया, "आयशा और अनवर की कॉल डिटेल्स से पता चला कि वे फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल कर परिवार और अन्य लोगों से संपर्क में थे। आयशा को कोर्ट में पेश किया गया, और अब हम उससे पूछताछ कर रहे हैं ताकि अनवर के ठिकाने का पता लगाया जा सके।" आयशा को 3 अगस्त तक रिमांड पर लिया गया है, और पुलिस इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश भी कर रही है।
लव जिहाद फंडिंग का मामला: शुरुआत कैसे हुई?
यह मामला जून 2025 में तब सामने आया जब बाणगंगा पुलिस ने दो युवकों, साहिल शेख और अल्ताफ अली, को दो हिंदू युवतियों की शिकायत पर गिरफ्तार किया। इन युवतियों ने आरोप लगाया कि साहिल और अल्ताफ ने अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर उनसे प्रेम संबंध बनाए और शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने उन्हें हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाने, उनका धर्म परिवर्तन कराने, और देह व्यापार में धकेलने के लिए 1 से 2 लाख रुपये की फंडिंग दी थी।
पुलिस ने इस आधार पर अनवर कादरी के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (Freedom of Religion Act) और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद, अनवर के आपराधिक इतिहास और इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर जिला प्रशासन ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लागू किया। इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा, "यह मामला सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा है। अनवर कादरी की गतिविधियां कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं।"
अनवर कादरी का आपराधिक इतिहास: 'डकैत' की कहानी
अनवर कादरी, जिन्हें 'अनवर डकैत' के नाम से जाना जाता है, का आपराधिक इतिहास लंबा और विवादास्पद है। इंदौर और उज्जैन के विभिन्न थानों में उनके खिलाफ 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं:
1996 में डकैती: उज्जैन के महाकाल थाने में डकैती का मामला दर्ज हुआ, जिसके बाद उन्हें 'अनवर डकैत' उपनाम मिला।
2009 में जानलेवा हमला: 6 मई 2009 को इंदौर के आजादनगर में अनवर हुसैन पर हमले के मामले में अनवर कादरी और उनके भाई समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से पिस्तौल, कट्टा, तलवार, और चाकू बरामद हुए। 2011 में इस मामले में अनवर को एक साल की सजा हुई।
2022 में पत्रकार पर हमला: बड़वाली चौकी क्षेत्र में पत्रकार जावेद खान के घर में घुसकर अनवर ने मारपीट और धमकी दी थी। शिकायत में आरोप था कि अनवर ने महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया और घर में तोड़फोड़ की।
2022 में फर्जी वोटिंग: नगर निगम चुनाव के दौरान अनवर पर मतदाताओं को धमकाने और फर्जी वोट डलवाने का आरोप लगा।
2025 में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' विवाद: 28 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में बड़वाली चौकी पर पुतला दहन के दौरान अनवर के समर्थकों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए, जिसके बाद बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला की शिकायत पर अनवर को गिरफ्तार किया गया।
अनवर कादरी तीन बार कांग्रेस से पार्षद रह चुके हैं, और उनकी पत्नी भी दो बार पार्षद रह चुकी हैं। वे एक समय इंदौर शहर कांग्रेस के महामंत्री भी रहे।
पुलिस की कार्रवाई और इनाम की राशि
जून 2025 में मामला दर्ज होने के बाद से अनवर कादरी फरार हैं। इंदौर पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की, जिसमें उनके ससुराल (महाराष्ट्र) और सादर बाजार स्थित घर शामिल हैं। 25 जुलाई 2025 को पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम की राशि 10,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये कर दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने कहा, "अनवर की तलाश में टीमें दिल्ली, कश्मीर, और महाराष्ट्र में छापेमारी कर रही हैं। उनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।"
पुलिस को शक है कि अनवर को किसी बड़े राजनेता या संगठन का संरक्षण मिल रहा है। X पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि "कांग्रेस के किसी बड़े मुस्लिम सांसद ने अनवर को पनाह दी है," हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
राजनीतिक विवाद: बीजेपी बनाम कांग्रेस
इस मामले ने मध्य प्रदेश में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी ने इसे 'लव जिहाद' और 'सामाजिक सौहार्द के खिलाफ साजिश' करार देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। बीजेपी विधायक रमेश्वर शर्मा ने अनवर की गिरफ्तारी और 'एनकाउंटर' की मांग की, जबकि इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अनवर को नगर निगम से हटाने के लिए संभागीय आयुक्त को पत्र लिखा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "अनवर कादरी जैसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस को सख्त कार्रवाई के लिए स्वतंत्रता दी गई है।" बीजेपी शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से अनवर की संपत्ति की जांच की मांग की।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे 'राजनीतिक साजिश' करार दिया। इंदौर नगर निगम में विपक्ष के नेता चिंटू चौकसे ने कहा, "अनवर कादरी को बीजेपी की साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। वह दोनों समुदायों से वोट पाते हैं। यह मामला बीजेपी की प्रोपेगंडा मशीनरी का हिस्सा है।" चौकसे ने दावा किया कि कांग्रेस कानूनी रूप से इस मामले का सामना करेगी।
अनवर की हाई कोर्ट याचिका
25 जुलाई 2025 को अनवर कादरी ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दायर कर अपने सादर बाजार स्थित घर को तोड़े जाने की आशंका जताई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन करने की मांग की। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि कोई कार्रवाई होने पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन जरूरी होगा।












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