Indore News: सियासी 'बम' फूटने के बाद अब क्या करेगी कांग्रेस?, कैसे लड़ेगी लोकसभा चुनाव, जानिए
Lok Sabha Election की हलचल के बीच कांग्रेस को उस वक्त झटका लगा था, जब इंदौर लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। वहीं अक्षय कांति बम के नामांकन वापस लेने के बाद अब लोकसभा चुनाव के मैदान से कांग्रेस बाहर होती नजर आ रही है। वहीं अब सियासत के अलग-अलग समीकरण पर कांग्रेस मंथन कर रही है।
सोमवार को दिन भर चले सियासी घटनाक्रम के बाद सोमवार की शाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर पहुंचे थे, जहां उन्होंने बंद कमरे में कांग्रेस नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की है। वहीं अब माना जा रहा है कि, कांग्रेस या तो निर्दलीय प्रत्याशी को अपना समर्थन दे सकती है, या फिर नोटा का बटन दबाने की अपील जनता से कर सकती है।

जल्द फैसला लेगी कांग्रेस
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार की शाम तक कांग्रेस इंदौर के सियासी घटनाक्रम पर बैठक करने के साथ ही लोकसभा चुनाव के लिए अपनी आगामी चुनावी रणनीति पर फैसला ले सकती है। कांग्रेस अपनी रणनीति के तहत या तो निर्दलीय प्रत्याशी को अपना समर्थन दे सकती है, या फिर नोटा का बटन दबाने की अपील जनता से कर सकती है। बहरहाल, अब देखना होगा कि, इंदौर में हुए सियासी घटनाक्रम के बाद कांग्रेस इंदौर को लेकर क्या कुछ फैसला लेती है?
हाईकोर्ट पहुंचे मोतीसिंह पटेल
सियासी हलचल के बीच देपालपुर के कांग्रेस नेता और इंदौर दुग्ध संघ के अध्यक्ष मोती सिंह पटेल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जहां मोती सिंह पटेल कांग्रेस का चुनाव चिन्ह आवंटित करने के मामले को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे हैं। मोती सिंह पटेल ने एक याचिका के माध्यम से कहा है कि, अक्षय बम के नामांकन वापस लेने के बाद वहीं कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी हैं। वहीं अब पटेल की याचिका पर हाई कोर्ट सुनवाई करेगा। मोती सिंह पटेल का नामांकन पहले निरस्त हो चुका है, जहां उन्होंने कांग्रेस के डमी उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन जमा किया था।
ये भी पढ़े- 'मैं तो ऐसा नहीं करता', अक्षय बम के फैसले पर कैलाश विजयवर्गीय ने क्यों कही ये बात?












Click it and Unblock the Notifications