सनातन धर्म पर कैलाश विजयवर्गीय का बयान, 'खुद समाप्त हो गए, सनातन को मिटाने वाले'
देश में इन दिनों सनातन धर्म को लेकर सियासत का सिलसिला जारी है, जहां लगातार अलग-अलग दलों के नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं। तमिलनाडु मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदयनिधि की ओर से सनातन धर्म को लेकर की गई टिप्पणी पर शुरू हुई सियासत अब थमने का नाम नहीं ले रही।
सनातन धर्म को लेकर जारी सियासत के बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि, जो सनातन धर्म को समाप्त करने आए, वह खुद समाप्त हो गए, पर सनातन धर्म कभी समाप्त नहीं हुआ।

सनातन धर्म को लेकर कही ये बात
इसी के साथ कैलाश विजयवर्गीय ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन के बेटे उदय निधि के द्वारा सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, यह प्रश्न जानने की जरूरत है कि, 20 तारीख को उनकी बैठक हुई, और 22 तारीख को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के बेटे यह कहते हैं कि, सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए। ये बीमारी की तरह है। मैं आपसे पूछता हूं, हम रामचरित्र मानस पढ़ते हैं, हम गीता पढ़ते हैं, हम भगवान राम को मानते हैं, क्या यह बिमारी है। हम नदी को माता मानते हैं, समुद्र को देवता मानते हैं, पवन को भगवान की तरह पूजते हैं, यह क्या बीमारी है। ये एक्चुअल में मानसिक बीमारी उन लोगों की है, जो इस प्रकार के बयान देते हैं।
सनातन धर्म कभी समाप्त नहीं हुआ
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, मैं साफ कहना चाहता हूं कि, सनातन धर्म कभी भी समाप्त नहीं हो सकता, और मोदी जी के नेतृत्व में सनातन धर्म का झंडा विश्व में लगेगा, जो सनातन धर्म को समाप्त करने आए, वह खुद समाप्त हो गए, पर सनातन धर्म कभी समाप्त नहीं हुआ। यह पहले भी था, आज भी है, और कल भी रहेगा, और विश्व को यदि मानवता का, इंसानियत का, और शांति का संदेश यदि कोई दे सकता है तो वह सिर्फ और सिर्फ सनातन धर्म दे सकता है। सनातन धर्म कुछ लोगों का नहीं है। यह विश्व का धर्म है, यह मानवता का धर्म है।
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