Indore News: इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए सहायक ग्रेड प्रथम गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विद्युत विभाग के एक सहायक ग्रेड प्रथम को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई लोकायुक्त के पुलिस महानिदेशक श्री जयदीप प्रसाद के निर्देशों के तहत की गई है।
आवेदक दीपक हार्डिया सोलर वेंडर हैं। उन्होने लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज करवाई थी कि दीपक हार्डिया बप्पा सीताराम रिनूवल एनर्जी कंपनी में कार्य करते हैं और उनके एक ग्राहक मेघराज जायसवाल के घर सोलर प्लांट के नेट मीटर की स्वीकृति के लिए फाइल को विद्युत विभाग से आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायत के अनुसार आरोपी जगदीश बरौनिया मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में सहायक ग्रेड प्रथम के पद पर कार्यरत है। उसने 2000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
लोकायुक्त की कार्रवाई
दीपक हार्डिया ने पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इंदौर को इसकी सूचना दी, जिसके बाद लोकायुक्त की टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के बाद आज (18 नवंबर 2024) को ट्रेप कार्रवाई की गई। लोकायुक्त की टीम ने जगदीश बरौनिया को 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अपराधी के खिलाफ कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी जगदीश बरौनिया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
ट्रेप कार्रवाई में प्रमुख सदस्य
इस कार्रवाई में लोकायुक्त इंदौर के ट्रेप दल के सदस्य डीएसपी आर.डी. मिश्रा, निरीक्षक प्रतिभा तोमर, आदित्य भदौरिया, रहीम खान, चेतन परिहार, विजय कुमार, आशीष नायडू, और शिव प्रकाश पराशर ने अहम भूमिका निभाई।
इस सफलता को लोकायुक्त इंदौर की टीम की प्रतिबद्धता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार पर काबू पाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सरकारी कर्मचारियों को भी एक कड़ा संदेश देती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही में कोई भी ढील नहीं बरती जाएगी।












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