Flashback 2022 : Congress ने निकाली bharat jodo yatra तो BJP की गौरव यात्रा का दिखा दम
साल 2022 बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। यही कारण रहा कि, साल 2022 में कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा निकालकर अपना दम दिखाया तो वहीं बीजेपी ने गौरव यात्रा के बहाने अलग तरह का सियासी संदेश प्रदेश भर में देने की कोशिश की है।

साल 2022 बीतने को है, तो वहीं साल 2022 में सियासत भी अपने पूरे चरम पर रही, जहां सियासत के लिहाज से साल 2022 बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। यही कारण रहा कि, साल 2022 में कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा निकालकर अपना दम दिखाया तो वहीं बीजेपी ने गौरव यात्रा के बहाने अलग तरह का सियासी संदेश प्रदेश भर में देने की कोशिश की है। साल 2022 की बात करें तो इस साल कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अपना दम दिखाने में कामयाब रही तो वहीं बीजेपी ने गौरव यात्रा के साथ ही आदिवासी बाहुल्य इलाकों में अलग तरह का सियासी संदेश दिया है।

कांग्रेस ने निकाली भारत जोड़ो यात्रा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा लेकर मध्यप्रदेश आए थे, जहां उन्होंने बुरहानपुर से मध्य प्रदेश में एंट्री करते हुए खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन और आगर मालवा जैसे इलाकों में अपना दम खम दिखाया था। बुरहानपुर से मध्य प्रदेश में एंट्री करने वाली भारत जोड़ो यात्रा ने मध्य प्रदेश के तमाम उन जिलों को कवर किया था, जहां बीजेपी का अच्छा खासा वर्चस्व माना जाता है। वहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बहाने कांग्रेस ने इन जिलों में अपना दम खम दिखाने का पूरा प्रयास किया था। साल 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं, जिसको देखते हुए राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गौरव यात्रा के बहाने दिखाया दम
बीजेपी ने मिशन 2023 को ध्यान में रखते हुए आदिवासी सीटों पर फोकस बढ़ाया है, जहां बीजेपी ने आदिवासी बाहुल्य इलाकों में जनजाति गौरव यात्रा निकालने का काम किया था। बीजेपी की जनजाति गौरव यात्रा को अच्छा खासा प्रतिसाद भी मिला था, बीजेपी ने अपनी यह यात्रा 20 नवंबर से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में शुरू की थी, जिनकी जिम्मेदारी बीजेपी ने स्थानीय नेताओं के साथ-साथ विधायकों तक को सौंपी थी, बीजेपी की जनजाति गौरव यात्रा में केंद्र से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेता शामिल हुए थे। साथ ही इस यात्रा में मालवा-निमाड़ के कई हिस्सों को शामिल किया गया था।

ऐसा है सियासी समीकरण
मध्य प्रदेश में साल 2023 में विधानसभा के चुनाव होने हैं, ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों के नजर प्रदेश की 47 आदिवासी बाहुल्य विधानसभा सीटों पर है। यही कारण है कि, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा भी मध्य प्रदेश के उन इलाकों से गुजरी है, जो आदिवासी बाहुल्य इलाके माने जाते हैं, तो वहीं राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में आदिवासी समाज जनों को भी बड़ी संख्या में शामिल किया गया था। उधर, बीजेपी ने भी जनजाति गौरव यात्रा निकालकर आदिवासी बाहुल्य इलाकों में अपना दम दिखाने की कोशिश की है, जहां आदिवासी सीटों पर बीजेपी यात्रा की काट के रूप में जनजाति गौरव यात्रा लेकर प्रदेश के अलग-अलग से निकली थी।
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