Indore News: इंदौर को डरा रहा डेंगू, मरीजों की संख्या ने तोड़ा रिकॉर्ड
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में डेंगू लगातार बढ़ता चला जा रहा है, जहां डेंगू ने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। डेंगू बुखार के पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जहां पिछले साल के मुताबिक डेंगू पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इंदौर में पिछले 12 महीने में डेंगू के लगभग 458 मरीज मिले थे। वहीं इस साल अब तक इंदौर में डेंगू के मरीजों की संख्या 459 हो गई। इसी के साथ डेंगू ने पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल को खत्म होने में कुछ महीने और शेष है, जहां डेंगू के मरीजों की संख्या और बढ़ सकती है।

इंदौर में लगातार बढ़ रहे डेंगू के चलते अब स्वास्थ्य विभाग का अमला भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है, जहां इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार डेंगू के लार्वा खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उधर, अब जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर निगम की टीम भी इस काम में जुट गई है।
इंदौर में डेंगू के लगातार बढ़ते मामले अब लगभग 400 से ज्यादा हो चुके हैं, जहां इसी के चलते सरकारी अस्पताल पूरी तरह से भरे हुए नजर आ रहे हैं। वहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी डेंगू का इलाज जारी है, जहां लगातार बढ़ते डेंगू के मरीज अब चिंता बनते नजर आ रहे हैं।
डेंगू मलेरिया के बचाव के उपाय
उज्जैन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अशोक कुमार पटेल द्वारा बताया गया कि, वर्तमान मे डेंगू मलेरिया के बचाव व नियंत्रण हेतु अपने घर परिसर और आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। अपने घर के सिंक, गमले, हौज आदि में साफ-सफाई रखें। इसके साथ ही घरों की छतों पर अटाला या गंदगी न होने दें।
डेंगू मलेरिया फैलाने वाले मच्छर कहां पैदा होते है
छत पर रखी पानी की खुली टंकियां। टूटे बर्तन, मटके, कुल्हड, गमलों में एकत्र जल में। बेकार फेकें हुए टायरों में एकत्र जल में। बिना ढंके बर्तनों में एकत्र जल में। कूलर में एकत्र जल में। किचन गार्डन में रूका हुआ पानी। गमले, फूलदान, सजावट के लिए बने फव्वारे में एकत्र जल मे।
डेंगू के सामान्य लक्षण
तेज़ बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी आना, आँखों में दर्द होना, विभिन्न अंगों में सूजन, डेंगू के गंभीर लक्षण, गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी होना, मसूड़ों या नाक से खून आना, मल या उल्टी में खून आना, तेजी से सांस लेना, थकान, बेचैनी, त्वचा के नीचे ब्लीडिंग इनमें से 2 या अधिक लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार प्लेटलेट्स कम होने पर यह बुखार खतरनाक हो जाता है। मरीज की जान भी जा सकती है। गंभीर मामलों में गंभीर रक्तस्त्राव और शॉक सिंड्रोम लगता है, जिससे जान को खतरा हो सकता है।
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