विदेशों में बढ़ रही MP के गेहूं की डिमांड, किसानों को मिलेगा बंपर फायदा!
इंदौर, 6 मई: वैसे तो मध्य प्रदेश का गेहूं, देश और साथ-साथ विदेशों में अपनी क्वालिटी को लेकर खास पहचान रखता है, जहां अब इसकी विदेशों में भी जबरदस्त डिमांड है. रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के बाद गेहूं निर्यात के मामले में भारत को मौका मिला है, जिसके चलते किसानों को जबरदस्त लाभ हो रहा है. गेहूं निर्यात को लेकर कृषि मंडियों में भी काफी उत्साह है. गेहूं की विदेशों में बढ़ती डिमांड के चलते अब निर्यात के लिए ट्रक और रैक दोनों ही ना मिलने से दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है. प्रदेश की अलग-अलग मंडियों में गेहूं की जबरदस्त आवक हो रही है. साथ ही साथ इसका निर्यात भी किया जा रहा है. प्रदेश से अब तक करोड़ों रुपए का गेहूं विदेश भेजा जा चुका है, जहां अब भी गेहूं का निर्यात विदेशों के लिए जारी है. प्रदेश में गेहूं की सर्वाधिक आवक मालवा-निमाड़ अंचल के इंदौर, सीहोर, उज्जैन, देवास और शाजापुर से हो रही है.

अब तक लाखों टन गेहूं का निर्यात
मध्य प्रदेश और देश के अलग-अलग राज्यों से लगातार विदेशों में गेहूं का निर्यात जारी है. मध्य प्रदेश से अब तक लाखों टन गेहूं का निर्यात हो चुका है. यह गेहूं अलग-अलग बंदरगाहों से विदेश भेजा जा रहा है. मध्य प्रदेश से विदेश भेजे जाने वाले गेहूं में मुख्य रूप से हरदा, जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, छिंदवाड़ा और दतिया का गेहूं शामिल है. गेहूं के बढ़ते निर्यात से किसानों के चेहरे पर जहां खुशी है, तो वहीं सरकार भी फायदे में नजर आ रही है.
विदेशों में गेहूं की मांग एक बड़ा अवसर
विदेशों में बढ़ती चली जा रही मध्यप्रदेश के गेहूं की मांग सरकार और किसानों के लिए बड़ा अवसर है, जहां इस निर्यात को बढ़ाने के लिए सरकार ने पूरा जोर लगा रखा है. कृषि विभाग भी निर्यात को देखते हुए लगातार समीक्षा कर रहा है, जहां निर्यातकों और व्यापारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की जा रही है, तो वहीं निर्यात व्यवस्थाओं की जानकारी भी समय-समय पर जुटाई जा रही है.












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