लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ने वाले अक्षय कांति बम के कॉलेज पर 5 लाख का जुर्माना, पेपर लीक का मामला
Indore News: आर्थिक राजधानी में स्थित में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) हमेशा चर्चाओं में रहता है। इस समय चर्चा MBA फर्स्ट सेमेस्टर के पेपर लीक मामले में दो प्राइवेट कॉलेजों पर कार्रवाई की हो रही है। विश्वविद्यालय कार्यपरिषद ने बीजेपी नेता अक्षय बम के आयडलिक कॉलेज पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
इसके साथ ही, 3 साल तक इस कॉलेज को एग्जाम सेंटर नहीं बनाने का फैसला किया गया है। संघवी कॉलेज में हुई गड़बड़ी के मामले में भी इसे आगे एग्जाम सेंटर नहीं बनाने का फैसला लिया गया है।

कार्यपरिषद की बैठक में पहली बार शामिल होने उच्च शिक्षा आयुक्त निशांत वरवड़े भी भोपाल से इंदौर आए थे। यह स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब 25 मई और 28 मई को प्रस्तावित MBA के दोनों पेपर एक दिन पहले ही लीक हो गए थे। मामले में अक्षय बम के कॉलेज के ऑपरेटर का हाथ होने का खुलासा हुआ था।
कॉलेज की मान्यता रद्द करने की मांग
बैठक के बाद, कार्यपरिषद सदस्यों ने जानकारी दी कि आयडलिक कॉलेज की संबद्धता और मान्यता रद्द करने की मांग भी उठी थी। जांच के बाद इस पर अलग से फैसला लिया जाएगा, जिसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन एक कमेटी गठित करेगा। यह कमेटी देखेगी कि कॉलेज में नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं, और फिर संबद्धता समाप्त करने का फैसला होगा।
साथ ही, उन्होंने बताया कि मामले में कॉलेज स्तर पर लापरवाही मिली है। कॉलेज प्रिंसिपल ने इस संबंध में लिखित जवाब यूनिवर्सिटी प्रशासन को दे दिया है। पेपर लीक मामला सामने आने के बाद, यूनिवर्सिटी ने एग्जाम कमेटी की बैठक बुलाई और परीक्षा पर्चा निरस्त कर दिया था। एडिशनल डीसीपी रामस्नेही मिश्रा, एसीपी तुषार सिंह, और टीआई उमेश यादव की टीम गठित कर जांच की गई थी।
टीम ने यूनिवर्सिटी की प्रिंटिंग प्रेस से लेकर कॉलेज तक की पूरी व्यवस्था की जांच की। इसके बाद, धीरेंद्र नरवरिया जैसे छात्र को पकड़ा गया, जिन्होंने पेपर को वायरल किया था। धीरेंद्र एमबीए प्रथम वर्ष में पढ़ रहे हैं, और उन्होंने बताया कि उसे यह पर्चा छात्र गौरव सिंह गौर के जरिए मिला था।
पेपर लीक की शिकायत पुलिस ने की कार्रवाई
यूनिवर्सिटी से पेपर लीक की शिकायत के बाद, पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। जांच के बाद पिछले शुक्रवार को आयडलिक कॉलेज के ऑपरेटर दीपक सोलंकी को पकड़ा। दीपक ने बताया कि उसने प्रिंसिपल रूम से 'थ्री इडियट' फिल्म की तर्ज पर बंडल की सील को लोहे की स्कैल से तोड़कर पेपर निकाले। फिर फोटो खींचकर गौरव को दो हजार में बेचा। गौरव ने इसे धीरेंद्र को भेजा, जिससे यह वायरल हो गया। पुलिस ने दीपक के बाद इन दोनों छात्रों को भी गिरफ्तार किया था।
कॉलेज में गड़बड़ियों का जिक्र
जांच कमेटी की 4 पेजों की रिपोर्ट में संघवी कॉलेज में गड़बड़ियों का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी कॉलेजों से पुराने पेपर के बंडल वापस मंगवाए थे, लेकिन संघवी कॉलेज से वापस आए पेपर में छेड़छाड़ मिली थी। इसके कारण, संघवी कॉलेज को अगले 3 साल तक एग्जाम सेंटर नहीं बनाने का निर्णय लिया गया है।












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