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Zubeen Garg Death News: 'हमारे जुबीन की सुनियोजित हत्या की गई', असम CM का सदमे भरा बयान, जानें कब-क्या हुआ?

Zubeen Garg Death News Update: असम के प्रसिद्ध गायक और सांस्कृतिक आइकन जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत ने पूरे राज्य को सदमे में डाल दिया है। मंगलवार (25 नवंबर 2025) को असम विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (CM Himanta Biswa Sarma) ने सदन में एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जुबीन गर्ग की मौत कोई दुर्घटना या लापरवाही का परिणाम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी।

सरमा ने कहा, 'यह साफ-सुथरी हत्या है। हमारे जुबीन की हत्या कर दी गई। सरमा ने आगे कहा, जिससे सदन में सनसनी फैल गई। विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यह बयान आया, और CM ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर इसका वीडियो भी शेयर किया। आइए, इस मामले की पूरी टाइमलाइन और ताजा अपडेट्स को विस्तार से समझें...

Zubeen Garg death case

Zubeen Garg Murder Case Timeline: जुबीन गर्ग हत्याकांड की टाइमलाइन

जुबीन गर्ग की मौत ने शुरू में दुर्घटना का रूप लिया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही साजिश के सुर सामने आने लगे। नीचे चरणबद्ध तरीके से पूरी घटना का क्रम दिया गया है:-

  • 19 सितंबर 2025- मौत का दर्दनाक क्षण : गापुर में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल (NEIF) में भाग लेने गए जुबीन गर्ग एक यॉट ट्रिप पर समुद्र में तैरते हुए बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में इसे डूबने की दुर्घटना माना गया, लेकिन असम में भक्तों और परिवार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की। राज्यभर में 60 से अधिक केस दर्ज हुए, जिसके बाद असम पुलिस के CID ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।
  • सितंबर 2025 के अंत- शुरुआती जांच और संदेह: पोस्टमॉर्टम और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट सिंगापुर से प्राप्त हुई। असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने संकेत दिए कि 'कुछ गड़बड़ है'। FIR बीएनएस की धारा 61 (आपराधिक षड्यंत्र), 105 (गैर-इरादतन हत्या) और 106 (लापरवाही से मौत का कारण) के तहत दर्ज की गई। पुलिस ने तुरंत विसंगतियां पकड़ीं और अदालत से दो दिनों में ही हत्या की धारा 103 जोड़ने की मांग की।

  • अक्टूबर 2025-गिरफ्तारियां और साजिश का पर्दाफाश: SIT ने सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें NEIF ऑर्गेनाइजर श्यामकानु महंत, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, बैंडमेट शेखर ज्योति गोस्वामी, को-सिंगर अमृतप्रभा महंत, चचेरे भाई संदीपन गर्ग (वरिष्ठ असम पुलिस अधिकारी), और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) नंदेश्वर बोरा व परेश बैश्या शामिल हैं। PSO की गिरफ्तारी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 1.1 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन पर हुई। सभी को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया।
  • 3 नवंबर 2025- CM का पहला बड़ा संकेत: सरमा ने मीडिया को बताया, 'मैं इसे दुर्घटना नहीं कहूंगा, यह हत्या है।' उन्होंने कहा कि SIT दिसंबर मध्य तक चार्जशीट दाखिल करेगी। जस्टिस सौमित्र सैकिया आयोग की जांच जारी रही, जिसकी डेडलाइन 12 दिसंबर तक बढ़ाई गई। विपक्षी नेता अखिल गोगोई ने सबूत मांगे, लेकिन CM ने कहा कि अदालत में सब कुछ साबित होगा।
  • 25 नवंबर 2025- विधानसभा में बम फूटा: शीतकालीन सत्र के पहले दिन विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया और निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई के स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। स्पीकर ने CM के अनुरोध पर इसे मंजूर किया। सरमा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, 'यह गैर-इरादतन हत्या या साजिश नहीं, बल्कि साफ हत्या थी। एक आरोपी ने जान ली, बाकियों ने मदद की।' उन्होंने नए साक्ष्यों का हवाला दिया, जो दुर्घटना की थ्योरी को खारिज करते हैं।
  • Zubeen Garg death case

    CM सरमा का बयान: 'हत्या का मामला पहले दिन से था'

    असम विधानसभा में बोलते हुए CM सरमा ने भावुक लहजे में कहा, 'हमारे जुबीन की हत्या कर दी गई। यह पहले दिन से हत्या का केस था।' उन्होंने बताया कि जांचकर्ताओं ने मौत के तुरंत बाद विसंगतियां पकड़ीं। 'प्रारंभिक संदेहों ने ही हमें हत्या की ओर निर्देशित किया। आरोपी हत्या के आरोप में बंद हैं,' सरमा ने जोर देकर कहा। उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों के नाम दोहराए: श्यामकानु महंत, सिद्धार्थ शर्मा, अमृतप्रभा महंत, शेखर ज्योति गोस्वामी।

    सरमा ने साफ किया कि यह कोई 'आपराधिक साजिश' नहीं, बल्कि प्रत्यक्ष हत्या थी। उन्होंने कहा, 'हमने कभी स्थगन प्रस्ताव का विरोध नहीं किया। हम जुबीन के साथ अपनी भावनाओं को दर्शा रहे हैं।' CM ने जोर दिया कि नए साक्ष्य दुर्घटना की संभावना को पूरी तरह खारिज करते हैं।

    Zubeen Garg Murder Chargesheet: चार्जशीट दाखिल करने का रास्ता साफ

    घटना सिंगापुर में हुई होने से जांच के लिए केंद्र सरकार की अनुमति जरूरी थी। बीएनएसएस की धारा 208 के तहत अदालत में केस आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय की स्वीकृति मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य को हरी झंडी दे दी। सरमा ने कहा, 'इस मंजूरी से पुलिस समय पर चार्जशीट दाखिल कर सकेगी। हम 10-15 दिनों में जांच पूरी करेंगे और 10 दिसंबर से पहले चार्जशीट कोर्ट में पेश कर देंगे।' कुछ रिपोर्ट्स में 8 या 17 दिसंबर का जिक्र है, लेकिन CM ने 10 दिसंबर की समयसीमा बताई।

    जांच का वर्तमान स्टेटस: SIT की रिपोर्ट और आयोग की भूमिका

    SIT/CID असम पुलिस द्वारा जांच तेजी से चल रही है। जस्टिस सौमित्र सैकिया की वन-मेंबर कमीशन ने साक्ष्य जमा करने की अंतिम तिथि 12 दिसंबर तक बढ़ा दी है। सरमा ने कहा कि चार्जशीट में 'कई दर्दनाक और दुखद कहानियां' सामने आएंगी। विपक्ष ने CM से सबूत साझा करने की मांग की है, लेकिन सरकार ने कहा कि अदालत में ही सब कुछ उजागर होगा।

    जुबीन गर्ग की मौत के दो महीने बाद उनके अंतिम संस्कार स्थल को श्राइन में बदल दिया गया है, जहां भक्त शांति महसूस करते हैं। यह मामला असम की सांस्कृतिक दुनिया को हिला रहा है, और करोड़ों प्रशंसक न्याय की प्रतीक्षा में हैं। अपडेट्स के लिए बने रहें। जय असम!

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