जाकिर नाइक पर लग सकते हैं आतंकवाद के चार्ज, तैयारी पूरी
नई दिल्ली। इस्लाम का उपदेश देने वाले और उसका प्रचार-प्रसार करने वाले जाकिर नाइक के खिलाफ सरकार आतंकवाद के चार्ज लगा सकती है। उन पर आरोप है कि उन्होंने 50 से अधिक ऐसे लोगों को प्रेरणा देने का काम किया है, जो आतंकी गतिविधियों में लिप्त थे। जाकिर नाइक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन को कानून विरोधी ठहराते हुए उस पर बैन लगा दिया गया है।

उच्च सरकारी सूत्रों के अनुसार नाइक के खिलाफ यह कदम उठाने का फैसला उनके भाषणों की जांच पड़ताल के बाद लिया गया है। आपको बता दें कि जाकिर नाइक पर आरोप है कि उन्होंने बांग्लादेश के ढाका में हुए आतंकी हमले में शामिल आतंकियों को अपने भाषणों से प्रेरित किया था।
यह फैसला गृहमंत्रालय, सेना और महाराष्ट्र सरकार ने मिलकर लिया है कि नाइक पर जिहादी आतंकियों को अपने भाषणों से भड़काने का आरोप लगाया जाए। यह आरोप गैरकानूनी गतिविधि निरोधक अधिनियम के तहत लगाने का फैसला किया गया है।
पिछली कई आतंकी घटनाओं को अंजाम देने वाले कुछ आतंकियों ने भी यह बात मानी थी कि जाकिर नाइक के भाषणों से उन्हें हिंसा करने की प्रेरणा मिली और फिर उन्होंने आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया। आपको बता दें कि नाइक ढाका हमले के बाद से ही विदेश में हैं और उनका भारत आने का कोई इरादा भी नहीं लग रहा है।
इन आतंकियों के बयान हैं जाकिर के खिलाफ
- इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के एक पूर्व कर्मचारी फिरोज देशमुख को 2006 में औरंगाबाद हथियार बरामदगी मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसने जाकिर नाइक के खिलाफ स्टेटमेंट रिकॉर्ड कराया है।
- दूसरा शख्स इंडियन मुजाहिदीन का सदस्य रह चुका है, जिसका नाम है कतील अहमद सिद्दीकी।
- तीसरी शख्स है आफशा जबीन। यह आईएस के लिए भर्ती का काम करने की आरोपी है। इसे सितंबर 2015 में संयुक्त अरब अमीरात से निर्वासित किया गया था।
- इनके अलावा एक छापे में पकड़े गए अबू अनस, मुहम्मद नफीस खान, मदब्बीर शेख और मोहम्मद ओबेदुल्ला खान के बयान के आधार पर भी जाकिर पर शिकंजा कसने की तैयारी है।












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