What is Worship Act: क्या अयोध्या फैसले ने मंदिर-मस्जिद विवाद के ये 9 नए मामले भी कोर्ट में पहुंचा दिए?
Temple-Mosque Disputes News: उपासना स्थल अधिनियम 1991 (प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट) को चुनौती देने वाली साल 2020 से लंबित याचिकाओं पर 12 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, जस्टिस पीवी संजय कुमार और जस्टिस मनमोहन की बेंज ने अपराह्न साढ़े तीन बजे सुनवाई की। CJI ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक देश में मंदिर-मस्जिद विवाद से संबंधित कोई नया मुकदमा दायर नहीं किया जाएगा। न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है और इस मामले में केंद्र सरकार से व्यापक जवाब मांगा है।
देश में मंदिर-मजिस्द का सबसे विवादित मामला अयोध्या का रहा, जिसमें साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया और अब साल 2024 में तो अयोध्या में राम मंदिर तक बन गया। अयोध्या फैसले सुनाया गया तब देश में ये नारे गूंजे कि 'अयोध्या तो अभी झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है।' इसके मायने ये थे कि अयोध्या के बाद काशी की ज्ञानवापी और मथुरा की शाही ईदगाह मस्जिद पर मंदिर के दावों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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हुआ यह कि बाबरी मस्जिद अयोध्या फैसले 2019 के बाद सिर्फ मथुरा-काशी ही नहीं बल्कि देशभर में मंदिर-मस्जिद विवाद के 9 मामले कोर्ट में पहुंए गए। आइए नजर डालते हैं भारत के मंदिर-मस्जिद के विवादित मामलों पर।
1. अजमेर दरगाह राजस्थान (Ajmer Dargah Rajasthan)
राजस्थान के अजमेर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोईनुददीन चिश्ती की दरगाह की जगह शिव मंदिर होने का दावा किया गया है। हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से किए दावे की याचिका को अजमेर की निचली अदालत ने 27 नवंबर 2024 को मंजूर किया है। दिसंबर में अगली सुनवाई है।
2. जामा मस्जिद संभल यूपी (Jama Masjid Sambhal UP)
उत्तर प्रदेश के संभल की जामा मस्जिद के बारे में ऐसा दावा किया गया कि यह मस्जिद श्री हरिहर मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। सर्वे का आदेश हुआ तो बवाल मच गया। मुस्लिम समाज ने नाराजगी जताई। हिंसा भी हुई।
3. कुतुबमीनार दिल्ली (Qutub Minar Delhi)
दावा किया गया है कि यह मस्जिद कई हिंदू देवी-देविताओं के मंदिरों को तोड़कर बनी। 2021 में कोर्ट से याचिका खारिज, कहा-अतीत की गलतियों के कारण वर्तमान की शांतिभंग नहीं की जा सकती।
4. अटाला मजिस्द जौनपुर यूपी (Atala Masjid Jaunpur UP)
उत्तर प्रदेश के जौनपुर की अटाला मस्जिद के बारे में दावा किया गया कि यह अटाला देवी मंदिर को तोड़कर बनाई गई है। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने विरोध जताया तो जज ने टिप्पणी की थी कि जब ज्ञानवापी और मथुरा का केस सुना जा सकता हो इसे भी सुन सकते हैं।
5. भोजशाला धार, मध्य प्रदेश (Bhojshala Dhar, Madhya Pradesh)
हिंदुओं का दावा है कि यह वाग्देवी (सरस्वती देवी) का मंदिर है जबकि मुस्लिमों का दावा कि यह कमाल मौला मस्जिद है। साल 2022 में हाईकोर्ट के आदेश पर सर्वे हुआ। कई मूर्तियां व सिक्के आदि मिले।
6. शाही ईदगाह मस्जिद, मथुरा यूपी (Shadi Idgah Mosque, Mathura UP)
साल 2020 में यूपी के मथुरा की शादी ईदगाह मस्जिद के बारे में दावा सामने आया कि यह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर बनाया गया है। हाईकोर्ट ने सर्वे के लिए कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया।
7. शाही जामा मजिस्द बदायूं यूपी (Shahi Jama Masjid Badaun UP)
साल 2022 में दावा किया गया कि मस्जिद नीलकंठ महादेव मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी। इसलिए जमीन हिंदू समुदाय को सौंपी जाए।
8. जामा मस्जिद फतेहपुर सीकरी यूपी (Jama Masjid Fatehpur Sikri UP)
दावा किया गया है कि इस मस्जिद से पहले यहां पर कामाख्या देवी का मंदिर था। उसे तोड़कर मस्जिद बना दी गई। इसके नीचे कटरा केशव देव की मूर्तियां हैं।
9 जुम्मा मस्जिद मेंगलुरु, कर्नाटक (Jumma Masjid Mangaluru, Karnataka)
साल 2022 में दावा किया गया कि इस मस्जिद के नीचे हिंदू मंदिर है। अवशेष व मूर्तियां आज भी मौजूद है। खुदाई कर एएसआई से करवाए जाए।
क्या है उपासना स्थल अधिनियम 1991? (What is Places of Worship Act 1991)
देश में लागू उपासना स्थल अधिनियम (प्लेसेज ऑफ वर्शिप) 1991 के अनुसार उपासना घर की धार्मिक प्रकृति वहीं बनी रहनी चाहिए जो 15 अगस्त 1947 को अस्तित्व में थी। जैसा कि धारा 4(1) में कहा गया है। यदि कोई इसका उल्लंघन करने का प्रयास करता है तो 3 साल तक की जेल व जुर्माने का प्रावधान है।












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