'पवित्र काम के लिए ईश्वर ने मुझे चुना है...', महिला आरक्षण बिल पर बोले पीएम मोदी
Nari shakti vandan adhiniyam: संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र की कार्यवाही मंगलवार से नए भवन में शिफ्ट हो गई। इससे पहले लोकसभा-राज्यसभा के सभी सांसदों ने पुराने संसद भवन में एक साथ फोटो खिंचाई और फिर सभी सांसद नए भवन में पहुंचे।
नए संसद भवन में कार्यवाही शुरू होते ही पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने संबोधन में कहा कि आज ये अवसर कई मायनों में अहम है। उन्होंने कहा कि आज आजादी के अमृत काल की एक नई सुबह है।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' नाम देते हुए कहा, 'महिला आरक्षण बिल के लिए संसद में पहले भी प्रयास हुए, लेकिन ईश्वर ने इस पवित्र काम के लिए मुझे चुना है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद और विधानसभाओं में सुनिश्चित होगा कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़े।'
'हमारा व्यवहार तय करेगा कि कौन कहां बैठेगा'
पीएम मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा, 'अभी चुनाव तो दूर हैं और जितना समय हमारे पास बचा है, मैं पक्का मानता हूं कि यहां जो व्यवहार होगा, ये निर्धारित करेगा कि कौन यहां बैठने के लिए व्यवहार करता है और कौन वहां बैठने के लिए व्यवहार करता है।'
महिलाओं के लिए लोकसभा में आरक्षित होंगी 181 सीटें
इसके बाद केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया। अर्जुन राम मेघवाल ने बिल पेश करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कानून बनने के बाद महिला सदस्यों के लिए लोकसभा में 181 सीटें आरक्षित हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत महिलाओं के लिए 15 साल तक आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया है।












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