3 बार कराया एंटीजन टेस्ट हर बार रिपोर्ट निगेटिव, युवती ने बताई कोविड से मां की मौत की दर्दनाक कहानी

नई दिल्ली, 14 मई। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पूरे देश में कहर बरपा रखा है। लंबे समय से देश में लगातार 3 लाख से ज्यादा रोजाना कोविड के मामले सामने आ रहे हैं जिसके चलते लोग अपनो को खो रहे हैं। कोविड-19 की आपदा में फंसे देश में हिला देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं। कई मामले ऐसे भी सामने आए जिसमें लोग पॉजिटिव थे लेकिन बार-बार टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आती रही और आखिरकार जब कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट आई तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी। देवरिया की एक युवती की कहानी भी कुछ ऐसी है।

कोविड-19 की दर्दनाक कहानी

कोविड-19 की दर्दनाक कहानी

देवरिया की रहने वाली शम्सुज्जमा अंसारी की मां का पिछले दिनों कोविड-19 से निधन हो गया। उनकी मां की उम्र 57-58 साल थी। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से अपनी दर्द साझा करते हुए पूरी कहानी बताई है।

अंसारी के मुताबिक वे गुड़गांव की एक एमएनसी में काम करती हैं और इन दिनों देवरिया से ही वर्क फ्रॉम होम कर रही थीं। उन्होंने बताया कि उनकी मां को 12 अप्रैल 2021 को अचानक से हल्का बुखार और खांसी की शिकायत हुई। मौसम में बदलाव को देखते हुए हमने इसे मौसमी फ्लू समझा और ज्यादा ध्यान नहीं दिया। जैसा कि होता है हमने उन्हें एंटीबॉयोटिक, पैरासिटामॉल, विटामिन सी दवाईयां दी गई थीं। दो दिनों तक उनका बुखार ठीक रहा लेकिन खांसी आ रही थी।

उनकी मां को पिछले 20 सालों से डायबिटीज था और साथ ही हाइपरटेंशन जैसी दूसरी परेशानी भी थी जिसके चलते उनकी इम्यूनिटी कमजोर थी। अगले कुछ दिन जब खांसी ठीक नहीं हुई तो उनका ऑक्सीजन लेवल चेक करने का फैसला किया गया। ऑक्सीजन लेवल 80-82 देखते ही सब घबरा गए और तुरंत डॉक्टर से सलाह ली। ये 17 अप्रैल की तारीख थी। इस बीच डॉक्टर ने उनकी चेस्ट एक्सरे रिपोर्ट देखकर कोविड पॉजिटिव होने की आशंका जताई और जल्द से जल्द कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराने को कहा।

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    तीन बार एंटीजेन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव

    तीन बार एंटीजेन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव

    इस बीच जो बात हैरान करने वाली थी कि अंसारी ने अपनी मां का तीन बार एंटीजन टेस्ट कराया और हर बार रिजल्ट निगेटिव आया। उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार गिर रहा था जिसके बाद उन्हें काफी कोशिश के बाद एक प्राइवेट अस्पताल में बेड मिल सका।

    सबसे तकलीफ वाली बात रही कि जो भी अस्पताल में भर्ती हो जाता उसे डॉक्टर देखने भी नहीं जाते थे और मरीज को सिर्फ टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टॉफ के भरोसे छोड़ दिया जाता था। इस बीच ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ उनकी मां का ऑक्सीजन लेवल 90 के पार पहुंचा लेकिन कुछ समय के बाद ही उनका एसपीओ2 तेजी से गिरने लगा।

    18 अप्रैल को चौथे बार टेस्ट में रिपोर्ट आई पॉजिटिव

    18 अप्रैल को चौथे बार टेस्ट में रिपोर्ट आई पॉजिटिव

    18 अप्रैल को उनकी मां की आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आ गई जिसमें वह कोविड पॉजिटिव पाई गईं। यहां ये याद रखना होगा कि पहली बार उनमें 12 अप्रैल को पहली बार लक्षण देखे गए थे और इस बीच उनका तीन एंटीजन टेस्ट किया गया था जो हर बार निगेटिव पाया गया था। आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें किसी सरकार द्वारा मान्य कोविड अस्पताल में जाने की सलाह दी।

    एक बार फिर काफी कोशिश के बाद एक दोस्त की मदद से उन्हें गोरखपुर के अस्पताल में 19 अप्रैल की सुबह भर्ती कराया गया। लेकिन तब तक उनका ऑक्सीजन लेवल 60-65 तक गिर गया था जिसके बाद उन्हें बाइपैप पर रखा गया जिसके बाद दिन भर 90 के ऊपर रहा। लेकिन देर रात एक बार फिर ऑक्सीजन लेवल अचानक नीचे पहुंचकर 30 के नीचे पहुंच गया जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया लेकिन उनकी स्थिति बिगड़ती ही गई और अगले दिन दोपहर में उनकी मौत हो गई।

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