पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद क्या भारत सिंधु जल संधि का निलंबन रद्द करेगा? क्या PAK को देने लगेगा पानी
India Pakistan Ceasefire: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की अक्रामक जवाबी कार्रवाई से परेशान पाकिस्तान अंतराष्ट्रीय मंचों पर शांति की अपील करने लगा था जिसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर हुआ। दोनों देशो के बीच हुए इस सीजफायर के बाद ये सवाल उठ रहा है कि क्या भारत सिंधु जल संधि समझौते का निलंबन रद्द कर देगा?
बता दें सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण जल-साझाकरण समझौता है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर पाकिस्तान को पानी देना बंद कर दिया था। रिपोर्टो के अनुसार भारत इस सीजफायर के बाद भी सिंधु जल समझौते का स्थगन जारी रखेगा और पाकिस्तान को पानी नहीं देगा।

स्थगित रहेगी सिंधु जल संधि
दरअसल, दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करने लिए अहम कदम उठाते हुए दोनों देशों ने शनिवार को शाम पांच बजे से जल, थल और वायु सभी सैन्य अभियानों को निलंबित करने का फैसला किया था। एएनआई न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधी बातचीत के जरिए हुआ यह समझौता किसी पूर्व या बाद की शर्तों के है। ऐसे में सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी।"
3 घंटे बाद ही सीजफायर का पाकिस्तान ने किया उल्लंघन
वहीं शनिवार को सीजफायर के बाद भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नही आया और श्रीनगर और कश्मीर के अन्य हिस्सों में लगातार हमले कर रहा है। श्रीनगर और कश्मीर के अन्य हिस्सों में लगातार भारी गोलाबारी के बीच ब्लैकआउट देखा गया। जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ऐसे में भारत पाकिस्तान को इस संधि के निलंबन को किसी भी हालत में रद्द करने वाला नहीं है।
भारत द्वारा पानी रोके जाने पर बोला था पाकिस्तान?
गौरतलब है कि पहले पाकिस्तान के बिलावल भुट्टो-जरदारी ने कहा था कि पाकिस्तान संधि पर फिर से पुर्नविचार कर सकता है। उसने कहा था या तो हम संधि द्वारा हमें दी गई शक्ति का उपयोग करते हैं, या हम इसे खो देते हैं। चुनाव हमारा है, और हम संधि के तहत अपने अधिकारों का दावा करने का इरादा रखते हैं।
क्या है सिंधु जल संधि?
सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के बंटवारे को लेकर एक ऐतिहासिक समझौता है, जो 1960 में हुआ था। इसे भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति मोहम्मद अयूब खान ने हस्ताक्षरित किया था, और इसमें विश्व बैंक ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
संधि से पाकिस्तान को क्या हुआ था फायदा?
इस संधि का मुख्य उद्देश्य सिंधु नदी प्रणाली के जल का शांतिपूर्ण और न्यायसंगत बंटवारा करना था। जिससे दोनों देशों को पानी मिल सके। इसमें भारत को रावी ब्यास और सतलज तीन पूर्वी नदियों का पूर्ण नियंत्रण मिला था। वहीं पाकिस्तान को सिंधु, झेलम, और चिनाब तीन पश्चिमी नदियों का नियंत्रण मिला था।
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