राहुल गांधी के कारण नीलसन सर्वे में नरेंद्र मोदी टॉप पर

सर्वे के अनुसार बड़े शहरों में शोर के बावजूद अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी 11 सीटें ही जीत पाएगी। इस तरह एनडीए 226 सीटें जीतकर बीते दस साल से सत्तासीन यूपीए सरकार को उखाड़ फेंक सकती, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से वह फिर भी दूर रह जाएगी। यूपीए महज़ 101 सिटों पर सिमट जाएगी। और इन सबके जिम्मेदार राहुल गांधी कैसे होंगे हम इसी पर चर्चा करेंगे आगे।
वर्तमान में केंद्र की सत्ता कांग्रेस के पास है और देश ने यूपीए को 10 साल दिये उसके बाद भी बात जब चर्चा और भाषण की आती है तो यूपीए के पास शब्द नहीं होते हैं अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिये। राहुल गांधी के हर भाषण में आरटीआई, लोकपाल बिल, आरटीई, आदि के अलावा किसी भी चीज की चर्चा नहीं कर पाते। क्योंकि यूपीए ने कानून पास करने के अलावा जितने भी काम किये हैं, उनमें से अधिकांश में भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो गये, लिहाजा अब राहुल ऐसी किसी भी उपलब्धि की चर्चा नहीं कर सकते, जिसमें भ्रष्टाचार हुआ हो। यही कारण है कि राहुल गांधी के हर भाषण में अब सिर्फ भविष्य की बातें होती हैं।
अब अगर नरेंद्र मोदी की बात करें तो वो वर्तमान की बात करते हैं। मोदी ने अब तक जितनी भी रैलियां की हैं, उनमें गुजरात के विकास की चर्चा पहले की है और उसी विकास को पूरे देश में परिलक्षित करने की बात की। एसआईटी की रिपोर्ट में क्लीन चिट होने के बावजूद मुलायम सिंह यादव जैसे नेता गुजरात दंगों के घाव कुरेद कर अपनी नहीं बल्कि मोदी की टीआरपी बढ़ा रहे हैं।












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