45 राजघरानों के लोगों ने क्यों कहा- हम पीएम मोदी के साथ, आखिर क्या है मामला?
Lok Sabha elections 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच देश के 45 राजघरानों ने एक अहम बैठक की, जिसमें एक बार फिर नरेंद्र मोदी को पीएम बनाने के लिए बीजेपी के समर्थन का आह्वान किया गया है। आखिर राज परिवारों ने ये मीटिंग क्यों की, इसका जवाब मीटिंग के लिए किए प्रस्ताव में छिपा है। राजघरानों के परिवारों की इस बैठक में वैश्विक उथल- पुथल और भारत में बनने वाली नई सरकार को लेकर चर्चा की गई।
पूर्व रियासतों के शासकों को लेकर सियासत हो रही है, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला के खिलाफ क्षत्रिय विरोध के बाद गुरुवार को जामनगर शाही परिवार के वंशजों से मुलाकात की। जिसके बाद 45 पूर्ववर्ती रियासतों के उत्तराधिकारियों ने बीजेपी का समर्थन का ऐलान किया। इसके लिए एक 'चिंतन बैठक' की। ये बैठक राजकोट से भाजपा उम्मीदवार परशोत्तम रूपाला के खिलाफ क्षत्रिय समुदाय के विरोध के मद्देनजर बुलाई गई थी।

दरअसल, क्षत्रियों की नाराजगी के बीच पीएम मोदी के समर्थन का ऐलान क्षत्रियों का बड़ा निर्णय माना जा रहा है। गुजरात में 45 पूर्ववर्ती रियासतों के उत्तराधिकारियों ने गुरुवार को "व्यापक राष्ट्रीय हित" और "सनातन धर्म की रक्षा" के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार जीत दिलाने में समर्थन देने का प्रस्ताव अपनाया।
राजकोट राजपरिवार के वंशज मांधातासिंह जाडेजा द्वारा रियासतों की एक 'चिंतन बैठक' का आयोजन किया गया था। यह बैठक राजकोष के भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री परषोत्तम रूपाला के खिलाफ क्षत्रिय समुदाय के विरोध के मद्देनजर बुलाई गई थी, जो अब भगवा पार्टी के खिलाफ गुस्से में बदल गया है।
बैठक को लेकर मांधातासिंह जाडेजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक तपस्वी और बहादुर शख्स बताया। बैठक के दौरान 28 रियासतों के उत्तराधिकारी उपस्थित थे और 16 ने पत्र के माध्यम से अपना समर्थन देने की घोषणा की। कच्छ की महारानी प्रीति देवी और भावनगर राज्य के राजा विजयराजसिंहजी ने भी पत्र के जरिए प्रस्ताव को समर्थन दिया। जडेजा ने दावा किया 145 करोड़ भारतीयों की भलाई और सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं।












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