Manipur Violence: असम राइफल्स को लेकर क्यों उठा विवाद? सत्ताधारी बीजेपी भी विरोध में
मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा का दौर जारी है। इस बीच मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स में भी विवाद हो गया। जिस वजह से पुलिस ने असम राइफल्स के खिलाफ FIR तक दर्ज कर दी। वहीं राज्य की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी भी असम राइफल्स को हटाने की मांग कर रही है।
मणिपुर पुलिस का आरोप है कि उनकी टीम बिष्णुपुर जिले में एक ऑपरेशन को अंजाम देने जा रही थी। तभी रास्ते में असम राइफल्स के जवान मिल गए। उन्होंने उन्हें रोक दिया। वो बीच रास्ते अपनी गाड़ी खड़ी करके खड़े थे। पुलिस ने काफी कोशिश की, लेकिन असम राइफल्स ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।

बाद में पुलिस टीम वापस आई और उसने एक एफआईआर दर्ज की, जो असम राइफल्स के खिलाफ थी। जिसके बाद इंफाल से लेकर दिल्ली तक के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में विवाद शांत करवाने की पहल शुरू की गई। साथ ही सेना ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।
वैसे तो असम राइफल्स केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है, लेकिन उसका नियंत्रण सैन्य मुख्यालय से होता है। सेना के मुताबिक असम राइफल्स के जवानों को मैतेई और कुकी समुदाय के बीच बफर जोन को सुनिश्चित करने का काम दिया गया था, वो सिर्फ ऊपर से आए आदेशों का पालन कर रहे थे। राज्य सरकार के साथ इस मुद्दे पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।
पुलिस ने लगाया एक गंभीर आरोप
मणिपुर पुलिस के मुताबिक वो कुकी आतंकियों को पीछा कर रहे थे, जिन्होंने तीन नागरिकों की हत्या की थी। असम राइफल्स ने उनको रोककर आतंकियों की मदद की। हालांकि सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है।
बीजेपी ने भी की हटाने की मांग
सत्ताधारी पार्टी बीजेपी भी असम राइफल्स से नाराज नजर आ रही है। उसकी ओर से केंद्र को एक पत्र भी लिखा गया, जिसमें असम राइफल्स को हटाने की मांग की गई। बीजेपी ने कहा कि 3 मई को जब हिंसा भड़की, तब से अब तक असम राइफल्स उसे रोकने में नाकाम रही। उसने अशांति के माहौल में पक्षपातपूर्ण काम किया, ऐसे में उनको हटाकर किसी अन्य इलाके में तैनात किया जाए।












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