Who is Sujoy Paul: कौन हैं सुजॉय पॉल? कलकत्ता हाईकोर्ट के नए चीफ जस्टिस के बारे में जानिए सबकुछ
Sujoy Paul New Chief Justice Calcutta High Court: कलकत्ता हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। जस्टिस सुजॉय पॉल ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) के रूप में शपथ ग्रहण की।
उनके शपथ ग्रहण के साथ ही हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है, जो लंबे समय से कार्यवाहक व्यवस्था के तहत काम कर रहा था। जस्टिस सुजॉय पॉल को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम के सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सुजॉय पॉल को कलकत्ता हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) नियुक्त किया गया था। इस दौरान उन्होंने अदालत की प्रशासनिक और न्यायिक जिम्मेदारियां संभालीं और अब उन्हें पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Justice Sujoy Paul Profile: कौन हैं जस्टिस सुजॉय पॉल?
जस्टिस सुजॉय पॉल के पास तीन दशकों से अधिक का न्यायिक और कानूनी अनुभव है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम के सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सुजॉय पॉल को कलकत्ता हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting Chief Justice) नियुक्त किया गया था। इस दौरान उन्होंने अदालत की प्रशासनिक और न्यायिक जिम्मेदारियां संभालीं और अब उन्हें पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
21 जून 1964 को जन्में जस्टिस पॉल ने अपने कानूनी करियर की शुरुआत साल1990 में मध्य प्रदेश बार काउंसिल से अधिवक्ता के रूप में शुरु किया था। उन्होंने सिविल कानून, संवैधानिक कानून, औद्योगिक कानून और सर्विस लॉ में प्रैक्टिस की।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश
जस्टिस सुजॉय पॉल की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद हुई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने 9 जनवरी 2026 को हुई बैठक में उनके नाम की सिफारिश की थी। कॉलेजियम प्रणाली देश में उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादले की संवैधानिक व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखना है।
Sujoy Paul work: न्यायिक सफर- हाईकोर्ट से चीफ जस्टिस तक
जस्टिस सुजॉय पॉल का न्यायिक करियर कई महत्वपूर्ण पड़ावों से होकर गुज़रा है-
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 27 मई 2011 को न्यायाधीश नियुक्त हुए और अप्रैल 2014 में स्थायी न्यायाधीश बने। तेलंगाना हाईकोर्ट में 26 मार्च 2024 को व्यक्तिगत कारणों से ट्रांसफर हुआ। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट में 18 जुलाई 2025 को न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
न्यायाधीश बनने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी दी गई, जो उनके प्रशासनिक अनुभव और न्यायिक क्षमता पर भरोसे को दर्शाता है। जस्टिस सुजॉय पॉल को न्यायिक कार्यप्रणाली और कानून की गहरी समझ रखने वाले न्यायाधीशों में गिना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और निष्पक्ष, तर्कसंगत और संवैधानिक मूल्यों पर आधारित फैसलों के लिए पहचान बनाई।
कलकत्ता हाईकोर्ट के लिए अहम नियुक्ति
कलकत्ता हाईकोर्ट देश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित उच्च न्यायालयों में से एक है। ऐसे में यहां स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को न्यायिक प्रशासन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जस्टिस सुजॉय पॉल के मुख्य न्यायाधीश बनने से अदालत के कामकाज में स्थिरता आने और लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है उनके सामने चुनौतियां
मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सुजॉय पॉल के सामने लंबित मामलों का बोझ कम करना, न्यायिक सुधारों को आगे बढ़ाना और अदालत की कार्यक्षमता को मजबूत करना जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी। बार और बेंच दोनों को उनसे सकारात्मक नेतृत्व की उम्मीद है।
जस्टिस सुजॉय पॉल का कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेना न्यायपालिका के लिए एक अहम घटनाक्रम है। उनके अनुभव और नेतृत्व से न केवल हाईकोर्ट के प्रशासन को मजबूती मिलने की उम्मीद है, बल्कि आम लोगों को भी न्याय की प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता का लाभ मिल सके।












Click it and Unblock the Notifications