कौन हैं रोहिणी घावरी, जिन्होंने UN में जय श्री राम का नारा लगाकर पाकिस्तान को लताड़ा, जिनेवा से कर रहीं पढ़ाई
Rohini Ghavari: संयुक्त राष्ट्र के मंच पर देश की एक दलित बेटी रोहिणी घावरी ने पाकिस्तान को राम मंदिर पर गलत बोलने के लिए जमकर फटकार लगाई है। जिसके बाद से वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं। रोहिणी घावरी जिनेवा स्विट्जरलैंड में पीएचडी कर रही हैं।
रोहिणी घावरी ने संयुक्त राष्ट्र सभा में जय श्री राम का नारा लगा कर भारत की एकता अखंडता पर अपनी बात रखी। रोहिणी घावरी ने कहा, ''मैं हमेशा आपसी भाईचारे एकता की बात करूंगी और आपको जितना ट्रोल करना है करते रहिए।''

अपने संयुक्त राष्ट्र भाषण में रोहिणी घावरी ने कहा कि, अयोध्या के राम मंदिर ने भारत की आस्था, विरासत और सद्भाव को जोड़ा है। उन्होंने कहा, ''ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के अलावा, अयोध्या राम मंदिर का बड़ा आर्थिक महत्व भी है।''
रोहिणी घावरी ने UN में क्या-क्या कहा?
रोहिणी घावरी का संयुक्त राष्ट्र का भाषण वीडियो भी वायरल हो रहा है। रोहिणी घावरी ने कहा, ''भारत की ओर से अध्यक्ष को जय श्री राम। 22 जनवरी 2024 भारत के लिए एक ऐतिहासिक दिन था। मैं ये गर्व के साथ कह सकती हूं कि, मैं वाल्मिकी समुदाय से आती हूं। अयोध्या में राम मंदिर बनने से वहां की अर्थव्यवस्था में भी बढ़ेगी। वहां लोगों के रोजगार बढ़ेंगे। अयोध्या राम मंदिर सिर्फ एक मंदिर नहीं है, ये नए भारत का सबसे अच्छा उदाहरण है।''
Who is Rohini Ghavari: कौन हैं रोहिणी घावरी?
- रोहिणी घावरी मूल रूप से इंदौर की रहने वाली हैं। रोहिणी घावरी एक दलित समाज से आती हैं। रोहिणी घावरी के पिता एक सफाई कर्मचारी हैं। रोहिणी घावरी जिनेवा से पीएचडी कर रही हैं।
- रोहिणी घावरी ने ट्विटर पर अपना परिचय एक अम्बेडकरवादी के तौर पर देती हैं। रोहिणी घावरी ने ट्विटर पर लिखा है कि वो, संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रतिनिधि हैं।
- रोहिणी घावरी एक करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप पर जिनेवा में पढ़ाई करने गई थी। ये स्कॉलरशिप रोहिणी को भारत सरकार से मिली थी। यह स्कॉलरशिप अनुसूचित जातियों, जनजातियों, भूमिहीन कृषि मजदूरों और परंपरागत कलाकारों की श्रेणी में आने वाले लोगों को मिलती है।












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