Devi Chitralekhaji: कौन हैं कथावाचक चित्रलेखा के पति? क्या करते हैं? क्यों लगा था मुस्लिम होने का आरोप?
Devi Chitralekhaji: कथावाचक देवी चित्रलेखा लोगों के बीच खासी लोकप्रिय हैं, लोग मानते हैं कि उनके कंठ में साक्षात मां सरस्वती का वास है, उनकी वाणी से निकला एक-एक शब्द लोगों के दिल-दिमाग पर खासा असर डालता है।

मात्र 6 साल की उम्र से रामकथा सुनाने वाली देवी चित्रलेखा के बारे में कुछ दिनों पहले, एक अफवाह ने सुर्खियां पकड़ी थी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने एक मुस्लिम से शादी की है।
हालांकि सारी बातें गलत थीं , उस वक्त देवी चित्रलेखा की टीम से इतना बोला गया था कि 'जो कुछ भी चल रहा है, वो बस अफवाएं हैं इसलिए उन पर भरोसा ना करें' और इसके कुछ वक्त के बाद देवी चित्रलेखा ने भी खबरों का खंडन करते हुए खुद अपने पति और ससुराल के बारे में बताया था।
गिरधारी बाबा जी के आश्रम से शिक्षा प्राप्त की
आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय देवी चित्रलेखा का जन्म हरियाणा के पलवल स्थित खंभा गांव में 19 जनवरी 1997 तुकाराम शर्मा के घर में हुआ था। उनकी स्कूली शिक्षा तो पलवल के ही सरकारी स्कूल में हुई है।
लेकिन इनके पिता को जल्द ही एहसास हो गया कि ये कोई आम बच्ची नहीं हैं इसलिए उन्होंने मात्र चार साल की उम्र में उन्हें श्री गिरधारी बाबा जी के आश्रम में भेज दिया था, चित्रलेखा ने आश्रम से ही आध्यात्म की शिक्षा प्राप्त की, आपको जानकर हैरत होगी कि वो भगवत गीता की उपदेशक भी हैं।
'कश्यप गोत्रीय'ब्राह्मण हैं देवी चित्रलेखा के पति
साल 2019 में उनका नाम 'वर्ल्ड बुक रिकॉर्ड' में आध्यात्मिक और युवा उपदेशक के रूप में दर्ज हुआ था। देवी चित्रलेखा के पति का नाम माधव तिवारी है , जिन्हें लोग माधव प्रभु के नाम से जानते हैं। वो मूलरूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रहने वाले हैं और ब्राह्मण कुल से हैं। माधव तिवारी 'कश्यप गोत्रीय' हैं, उनके पिता का नाम अरुण तिवारी है।
देवी चित्रलेखा के पति ब्राहम्ण हैं और बिलासपुर निवासी हैं
दोनों का विवाह दोनों के परिवार वालों की सहमति से 23 मई 2017 को पलवल के गौ सेवाधाम में हुआ था। वो गौरा प्रोडक्शन के CEO हैं। माधव तिवारी भी आम लोगों की तरह से देवी चित्रलेखा की वाणी से प्रभावित हैं, वो भी कई धार्मिक आयोजन में उनके साथ खड़े नजर आते हैं।
देवी चित्रलेखा हरियाणा की बेटी और छत्तीसगढ़ की बहू हैं
हालांकि सोशल मीडिया पर उनकी बहुत ज्यादा तस्वीरें नहीं हैं इसलिए बहुत सारे लोग ये सोचते हैं कि देवी चित्रलेखा ने शादी नहीं की है और वो साध्वी हैं लेकिन ऐसा नहीं हैं वो विवाहित भी हैं और उनका एक सुखद वैवाहिक जीवन भी है।
क्यों लगा था मुस्लिम होने का आरोप?
सोशल मीडिया पर अफवाह फैली थी कि रामकथा कहने वाली साध्वी चित्रलेखा ने एक मुस्लिम युवक से शादी की है और शादी के बाद उसने अपना धर्म बदल लिया है और वो पेशे से गाड़ी चालक है। ये पोस्ट बहुत वायरल हुई थी। जब चित्रलेखा ट्रोल होने लग गईं तब इनकी टीम ने इसका जोरदार खंडन किया था।












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