अफजल गुरु के साथी गिलानी भी हो चुके हैं संसद हमले में गिरफ्तार
नई दिल्ली। जेएनयू विवाद धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है और एक राष्ट्रीय विवाद में तब्दील होता जा रहा है। नौ फरवरी को शुरू हुए इस विवाद में दिल्ली पुलिस ने जेएनएसयू के लीडर कन्हैया कुमार के साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी को भी देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
इसके बाद ही हर कोई जानना चाहता है कि आखिर यह गिलानी कौन हैं और इन इसका अफजल गुरु के साथ क्या रिश्ता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि गिलानी वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले के आरोप में गिरफ्तार हुए एक और आरोपी थे।
दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्ष 2003 में इन्हें सुबूतों की कमी की वजह से छोड़ दिया था। एक नजर डालिए कि आखिर कौन हैं प्रोफेसर एसएआर गिलानी।

संसद हमले के आरोपी
गिलानी को 2001 में संसद हमला मामले में गिरफ्तार किया गया। दिल्ली हाईकोर्ट ने 'सबूतों की कमी' के चलते अक्टूबर 2003 में उन्हें बरी कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट को था शक
सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2005 में इस फैसले को बरकरार रखा था और कहा कि शक की सुई उन पर भी जाती है।

डीयू में अरबी के टीचर
गिलानी दिल्ली यूनिवर्सिटी में पहले लेक्चरर हुआ करते थे और अरबी पढ़ाते थे।

छह माह तक चला ट्रायल
छह माह तक चले ट्रायल के दौरान 80 लोगों ने गिलानी के खिलाफ गवाही दी थी। सिर्फ 10 लोग ही ऐसे निकले जिन्होंने गिलानी के पक्ष में गवाही दी थी।

भारत को कर देंगे लहुलूहान
अफजल गुरु को मौत की सजा पर गिलानी ने एक न्यूज चैनल पर भारत को लहूलुहान करने की धमकी दी थी।

कश्मीर की आजादी के नारे लगाए
गिलानी ने अफजल गुरु और मकबूल बट को शहीद कश्मीर की आजादी के नारे लगाए थे।गिलानी ने दिल्ली प्रेस क्लब में अफजल गुरु की बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था।












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