कौन हैं गुजरात के डायमंड किंग गोविंद ढोलकिया? जिनको राज्यसभा भेजेगी भाजपा; राम मंदिर में दान किए थे 11 करोड़
Who is Govind Dholakia: Rajya Sabha Elections 2024 के लिए राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर भाजपा ने एक नाम घोषित करके सबको चौंका दिया। गुजरात से बीजेपी ने डायमंड किंग गोविंद ढोलकिया को राज्यसभा भेजने की तैयारी की है। हालांकि गोविंद ढोलकिया के साथ उम्मीदवार के तौर पर बीजेपी ने 3 और नामों का भी ऐलान किया है।
गुजरात से BJP ने 4 उम्मीदवारों का ऐलान, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ, गोविंदभाई ढोलकिया, मयंकभाई नायक और जशवंतसिंह सलामसिंह परमार को इस बार राज्यसभा भेजा जा रहा है। ऐसे में जानिए कौन हैं गुजरात के डायमंड व्यापारी गोविंद ढोलकिया?

गोविंद ढोलकिया के नाम से चौकाया
भाजपा ने सूरत के हीरा कारोबारी गोविंद ढोलकिया को गुजरात से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जैसे ही सूची जारी की गई, उनके नाम ने सबको हैरान कर दिया, लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर गोविंद ढोलकिया कौन हैं?
74 साल के हीरा व्यापारी जाएंगे राज्यसभा
गुजरात की डायमंड सिटी सूरत के प्रतिष्ठित हीरा कारोबारियों में गोविंद ढोलकिया का नाम शुमार है। हीरा व्यापारी होने के साथ-साथ गोविंद ढोलकिया कई गुजराती सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े हैं। उनकी उम्र 74 साल है और कुल संपत्ति की बात करें तो करीब 4800 करोड़ रुपए है।
1970 में की थी कंपनी की शुरुआत
गोविंद ढोलकिया सूरत बेस्ड डायमंड मैनुफैचरिंग और एक्सपोर्टिंग कंपनी श्री रामकृष्ण एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उन्होंने कंपनी की शुरुआत 1970 में की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, कंपनी में 5000 से ज्यादा कर्मचारी हैं। कंपनी का टोटल रेवन्यू राजस्व अब 1.8 बिलियन डॉलर से ज्यादा है।
राम मंदिर के लिए दिया था करोड़ों का दान
इसके अलावा उन्होंने अपने परोपकार के लिए 2014 में श्री रामकृष्ण (SRK) नॉलेज फाउंडेशन (SRKKF) की स्थापना की। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए ₹11 करोड़ का दान दिया था।इसी के साथ गोविंद ढोलकिया को पिछले महीने अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी मुख्य अतिथियों में देखा गया था, तब से ही वो सुर्खियों में थे।
सिर्फ 7वीं तक पढ़े गोविंद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गोविंद ढोलकिया प्रसिद्ध राम कथावाचक मोरारी बापू के फॉलोअर माने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी उनका दो दशक से अधिक पुराना परिचय है। बता दें कि सूरत के डायमंड किंग गोविंद ढाेलकिया ने सिर्फ सात तक ही पढ़ाई की है।
हीरे की कटाई से बने डायमंड किंग
मूल रूप से गुजरात के अमरेली के गोविंद ढोलकिया ने अपने करियर की शुरुआत हीरा क्षेत्र में एक मजदूर के रूप में की थी। वह दिवाली के दौरान अपने कर्मचारियों को उदार उपहार देने के लिए भी जाने जाते हैं।
जानिए उम्मीदवार बनने पर क्या बोले?
वहीं अब जब उनको बीजेपी ने राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामित किया है तो उन्होंने कहा कि मैंने कभी सपने में भी राजनीति में जाने का नहीं सोचा था। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि "एक किसान परिवार से एक व्यवसायी बनने की मेरी यात्रा काफी सुखद रही है। मुझे केवल चार घंटे पहले ही अपने नामांकन के बारे में पता चला। भाजपा नेतृत्व ने मेरा नाम तय करने से पहले निश्चित रूप से विचार किया होगा।''












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