आतंक का दूसरा नाम 'Abdul Rauf Azhar' कौन? कंधार हाईजैक में था लीड रोल, जानें ऑपरेशन सिंदूर में कैसे हुआ ढेर?
Abdul Rauf Azhar Killed: भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' में एक बड़ा आतंकी मारा गया है-अब्दुल रऊफ अजहर। ये वही आतंकी है जिसने 1999 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 का अपहरण करवाया था।कंधार हाईजैक (Kandahar Hijack) का मास्टरमाइंड अब्दुल रऊफ अजहर, अब सिर्फ राख है! इस हाईजैक के पीछे उसका मकसद अपने भाई मसूद अजहर को भारतीय जेल से छुड़ाना था।
अब, भारतीय सेना ने उसे उसी की धरती पर ढेर कर दिया है। एक समय था जब वो मसूद अजहर का साया कहलाता था...अब जलकर धुआं बन गया - इंडियन ऑपरेशन सिंदूर में!

Who was Abdul Rauf Azhar: कौन था अब्दुल रऊफ अजहर?
अब्दुल रऊफ अजहर, जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख मसूद अजहर (Masood Azhar) का छोटा भाई था। वह 2007 से जैश का संचालन कर रहा था, जब मसूद अजहर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की मदद से छिप गया था। रऊफ अजहर भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक था, जिसने कई बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाई थी।
'ऑपरेशन सिंदूर' में भुना गया जैश का जल्लाद!
रात के अंधेरे में जब पाकिस्तान के ऊपर ड्रोन की सरसराहट गूंजी, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि 'जिहाद का आका' अब्दुल रऊफ अजहर अपनी आखिरी नमाज पढ़ चुका था। भारत के 'Operation Sindoor' के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के ठिकाने शामिल थे। बाहावलपुर में स्थित जैश का मुख्यालय 'मार्कज सुब्हान अल्लाह' भी इन हमलों का निशाना बना, जहां रऊफ अजहर भुना दिया गया। साथ में जले उसके 10 रिश्तेदार, जिसमें उसकी बहन और बहनोई भी शामिल। सूत्रों के मुताबिक, बम गिरने के 30 सेकंड बाद उस ठिकाने से निकला सिर्फ़ धुआं, और आवाज आई - 'खत्म हो गया रऊफ!'
रऊफ अजहर के प्रमुख आतंकी कारनामे
रऊफ अजहर ने 1999 में IC-814 फ्लाइट का अपहरण करवाया, जिससे भारत को मसूद अजहर, उमर शेख और अहमद जरगारी जैसे आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा। इसके बाद, 2001 में संसद हमला, 2002 में अमेरिकी पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या, 2008 में मुंबई हमले, 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हमला और 2019 में पुलवामा हमला जैसे कई बड़े आतंकी हमलों में उसकी भूमिका रही।
ISI की चुप्पी, पाक फौज की घिग्घी!
ISI के अफसरों के बीच वायरल एक क्लिप में एक अफसर चीखता है - 'ये कोई हमला नहीं था... ये भारत का एलान-ए-इंतकाम था! रऊफ मरा नहीं, उसे जलाया गया है!' GHQ में मचा कोहराम, और जनरल असीम मुनीर (Asim Munir) ने फिर एक बार बंकर के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए।

एक मौत... और 24 साल का हिसाब पूरा!
जिस हाईजैक ने एक राष्ट्र को झुकाया, उसी के मास्टरमाइंड को 24 साल बाद भारतीय वायुसेना ने सीधा अग्निदान दिया। "ना कब्र मिली, ना जनाजा - बस एक तस्वीर मिली, जिसमें जलती छत के नीचे जैश का 'कमांडर' राख बन चुका था।"
रऊफ का नेटवर्क - अब सिर कटा सांप
रऊफ का सीधा कनेक्शन था- तालिबान, लश्कर, अल-कायदा, हक्कानी नेटवर्क से। अमेरिका ने 2010 में उसे ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया, UN में भारत ने इसे ब्लैकलिस्ट करने की कोशिश की, पर चीन ने बार-बार वीटो लगाकर बचाया। अब वो बचाव भी राख हो गया है।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत की बड़ी सफलता
'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना ने 25 मिनट में नौ आतंकी ठिकानों पर हमला कर 80 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया। इसमें रऊफ अजहर की मौत भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो आतंकवाद के खिलाफ उसकी निरंतर लड़ाई में एक मील का पत्थर है।












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