BJP के नए अध्यक्ष पर सस्पेंस खत्म? इस तारीख को जेपी नड्डा की जगह ले सकते हैं नितिन नवीन

भारतीय जनता पार्टी (BJP) में बड़े संगठनात्मक बदलाव की सुगहाट अब अपने अंतिम चरण में है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन जल्द ही औपचारिक रूप से दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान संभाल सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जनवरी के मध्य तक उनके नाम पर मुहर लग सकती है, जिसके बाद वे जेपी नड्डा का स्थान लेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के भीतर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के भीतरी सूत्रों का कहना है कि मकर संक्रांति के आसपास नए अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों की घोषणा की जा सकती है।

Nitin Naveen with PM Modi

नितिन नवीन इस तारीख तक बन सकते हैं बीजेपी अध्यक्ष

कयास लगाए जा रहे हैं कि 20 जनवरी तक नितिन नवीन के नाम का आधिकारिक ऐलान हो सकता है। बता दें कि जेपी नड्डा साल 2020 से इस जिम्मेदारी को निभा रहे हैं।

संगठनात्मक चुनाव का काम 90% पूरा
बीजेपी के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले राज्यों और जिलों में संगठन चुनाव होना अनिवार्य है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, देश के 1050 जिलों में से 950 से ज्यादा में चुनाव संपन्न हो चुके हैं। 18 लाख पोलिंग बूथों में से 17 लाख से अधिक पर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। कुल 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से 30 में संगठन चुनाव सफल रहे हैं।

इन आंकड़ों से साफ है कि नितिन नवीन की ताजपोशी का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया में करीब 3 से 4 दिन का समय लगेगा, जिसके बाद राष्ट्रीय परिषद से इसे अंतिम मंजूरी दिलाई जाएगी।

2029 तक की कमान और विधानसभा चुनावों की चुनौती
बिहार के विधायक नितिन नवीन की नियुक्ति को बीजेपी में एक 'पीढ़ीगत बदलाव' के तौर पर देखा जा रहा है। उनका कार्यकाल 2029 के लोकसभा चुनाव तक रहने की उम्मीद है। हालांकि, उनके पद संभालते ही अग्निपरीक्षा भी शुरू हो जाएगी।

साल 2026 में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से पश्चिम बंगाल को पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ऐसे में नवीन के कंधों पर इन राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन को धार देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

विरासत से संगठन के शिखर तक
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर केवल उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की विरासत को आगे बढ़ाना भर नहीं है, बल्कि यह उनकी अपनी सांगठनिक कार्यकुशलता और चुनावी पकड़ का प्रमाण है। 2006 में राजनीति में कदम रखने के बाद, उन्होंने पटना की बांकीपुर सीट से लगातार पांच बार जीत दर्ज कर खुद को एक 'मास लीडर' के रूप में स्थापित किया है।

बिहार सरकार में पथ निर्माण और नगर विकास जैसे भारी-भरकम विभागों को संभालने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनावी प्रभारी के तौर पर उनका शानदार रिकॉर्ड रहा है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 'युवा और कर्मठ नेता' कहकर सराहा।

बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में नितिन नबीन की नियुक्ति को पार्टी के 'पीढ़ीगत बदलाव' के सबसे बड़े मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। उनकी यह भूमिका न केवल जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी के रूप में उन्हें तैयार करने की प्रक्रिया है, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव की दीर्घकालिक रणनीति का भी हिस्सा है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+