जब मनोहर पर्रिकर ने खुद बताया क्यों छोड़ी थी स्कूटर की सवारी
नई दिल्ली। पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अब हमारे बीच नहीं हैं। कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद रविवार शाम को उनका निधन हो गया। वो 63 वर्ष के थे। मनोहर पर्रिकर की पहचान एक समझदार राजनेता के साथ-साथ संवेदनशील और सादगी भरा जीवन जीने वाले इंसान के तौर पर रहेगी। आईआईटी से उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने सियासत का चमकता फलक प्राप्त किया। गोवा का सीएम बनने के बाद भी पर्रिकर की सादगी ऐसी थी कि उन्होंने अपने साथ बड़ा लाव-लश्कर नहीं रखा। गोवा की सड़कों पर अकसर स्कूटर चलाते नजर आ जाते थे। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने स्कूटर चलाना छोड़ दिया। उनके स्कूटर चलाना छोड़ने के पीछे क्या वजह थी इसका खुलासा भी मनोहर पर्रिकर ने खुद ही किया।

इसलिए मनोहर पर्रिकर ने छोड़ दिया था स्कूटर चलाना
मनोहर पर्रिकर ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि वो किसी हादसे की आशंका को देखते हुए अब स्कूटर नहीं चलाते हैं। गोवा में पिछले साल जनवरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मनोहर पर्रिकर ने इस बात का खुलासा किया था। उन्होंने कहा था, "लोग अकसर मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं अब भी स्कूटर पर सफर करता हूं? मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अब नहीं करता। मेरे दिमाग में हमेशा अपने कार्यों को लेकर कई तरह की सोच चलती रहती हैं। स्कूटर चलाते समय अगर मैं कुछ और सोच रहा हूं तो मैं किसी हादसे का शिकार हो सकता हूं। इसीलिए अब स्कूटर नहीं चलाता और न ही किसी के साथ स्कूटर पर बैठता हूं।"

जब ऑटो वाले की टक्कर से नीचे गिर गए थे स्कूटर पर सवार पर्रिकर
मनोहर पर्रिकर के स्कूटर चलाने को लेकर एक और घटना बेहद चर्चा में रही है। दरअसल, गोवा का मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मनोहर पर्रिकर अकसर स्कूटर से विधानसभा जाया करते थे। एक बार स्कूटर से विधानसभा जाने के दौरान उन्हें एक ऑटो वाले ने टक्कर मार दी। इसके बाद उस शख्स ने मनोहर पर्रिकर को पुलिस वाले का बेटा बताकर धमकी भी दी। जैसे ही पर्रिकर ने उसकी ये बात सुनी तो उन्होंने बेहद शांत रहते कहा था कि वो तो सिर्फ गोवा के साधारण से सीएम हैं। मनोहर पर्रिकर की सादगी के पीछे छिपी जीवटता और संघर्ष में अपने विश्वास को बनाए रखने की अकूत ताकत थी।

बेहद सादगी भरा जीवन बिताते थे मनोहर पर्रिकर
जानकारी के मुताबिक फरवरी 2018 में मनोहर पर्रिकर का स्वास्थ्य खराब होना शुरू हुआ। उन्हें पहले मुंबई के लीलावती अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। इसके बाद इलाज के लिए पर्रिकर अमेरिका भी गए। जून 2018 तक उनका वहां पर इलाज चला। इसके बाद 19 जुलाई से 3 अगस्त तक गोवा विधानसभा मॉनसून सत्र में शामिल हुए। इसके बाद पर्रिकर फिर अमेरिका गए। 15 सितंबर 2018, को उन्हें दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया। अक्टूबर 2018 में वापस गोवा लौटे थे।

4 बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे पर्रिकर
मनोहर पर्रिकर खतरनाक पैन्क्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे और पिछले कुछ समय से गोवा में ही उनका इलाज चल रहा था। पैन्क्रियाटिक कैंसर के बावजूद मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री के अपने दायित्व को आखिरी वक्त तक निभाते रहे। पिछले महीने ही नाक में ट्यूब लगी होने के बावजूद वे विधानसभा में बजट पेश करने पहुंचे थे। इसी साल जनवरी में मनोहर पर्रिकर ने कहा था, 'अपनी अंतिम सांस तक गोवा की सेवा करूंगा।'












Click it and Unblock the Notifications