WhatsApp ने जनवरी में 29 लाख से अधिक अकाउंट बैन किए, रिपोर्ट में दी डिटेल
व्हाट्सएप का गलत अकाउंट्स के खिलाफ ऐक्शन जारी है। एक जनवरी से लेकर 31 जनवरी के बीच इस मैसेजिंग सर्विस ने भारत में 29 लाख से ज्यादा अकाउंट प्रतिबंधित कर दिए हैं। वैसे दिसंबर के मुकाबले यह काफी कम है।

व्हाट्सएप ने अपनी मासिक रिपोर्ट में बताया है कि इस साल जनवरी में उसने 29 लाख से ज्यादा अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। कंपनी ने ये कार्रवाई आईटी रूल्स, 2021 के तहत की है। हालांकि, यह संख्या 2022 के दिसंबर के 36 लाख के मुकाबले बहुत ही कम है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की जा रही है कि सोशल मीडिया क्षेत्र की ये बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां भारतीय कानूनों का पूर्ण रूप से पालन करें और 'डिजिटल नागरिकों' के अधिकारों का जरा भी हनन न हो सके।
जनवरी में 29 लाख से अधिक अकाउंट बैन
सोशल मीडिया की बहुत बड़ी प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने बुधवार को बताया है कि जनवरी महीने में उसने 29 लाख से ज्यादा अकाउंट विभिन्न वजहों से प्रतिबंधित किए हैं। व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा है, 'आईटी रूल्स 2021 के मुताबिक हमने जनवरी 2023 के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित कर दी है। इस रिपोर्ट में यूजर्स की शिकायतें और व्हाट्सएप के द्वारा की गई कार्रवाई के साथ-साथ व्हाट्सएप के अपने निरोधात्मक कार्रवाई शामिल हैं। व्हाट्सएप ने जनवरी में 29 लाख से अधिक अकाउंट प्रतिबंधित किए हैं।'
दिसंबर की तुलना में कम अकाउंट प्रतिबंधित
वैसे पिछले साल दिसंबर की तुलना में व्हाट्सएप की ओर से प्रतिबंधित अकाउंट की संख्या में भारी गिरावट आई है। आईटी रूल्स 2021 के तहत दिसंबर में इसने भारत में 36 लाख अकाउंट ब्लॉक किए थे। कंपनी की ओर से मासिक पालन रिपोर्ट में कहा गया है कि 1 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक '29,18,000 व्हाट्सएप अकाउंट बैन कर दिए गए। इनमें से 10,38,000 अकाउंट को यूजर्स की ओर से किसी तरह कि रिपोर्ट मिलने से पहले ही सक्रियता के साथ प्रतिबंधित कर दिए गए।'
यूजर्स की शिकायतों के लिए जीएसी की भी स्थापना
व्हाट्सएप भारत में काफी लोकप्रिय मैसेजिंग सर्विस है। इसके 50 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। इस बीच इलेक्ट्रोनिक्स और आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले भारतीयों की शिकायतों के निवारण के लिए शिकायत अपीलीय कमेटी (Grievance Appellate Committee) गठित की है। जीएसी कंटेंट और अन्य मुद्दों को लेकर यूजर्स की शिकायतों की जांच करेगा। यह पैनल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के फैसलों के खिलाफ अपील की भी जांच करेगा।
इस पैनल के माध्यम से देश के डिजिटल कानून में सुधार किए जाने में भी मदद मिलेगी और क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां भारतीय कानूनों का पूर्ण रूप से पालन करें, यह सुनिश्चित करना भी आसान होगा। संशोधित आईटी रूल्स, 2021 के तहत आईटी मंत्रालय ने पिछले महीने ही तीन जीएसी बनाने की घोषणा की थी। यह सारे प्रावधान डिजिटल नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए किए जा रहे हैं।












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