अगर मैगी पर लगा प्रतिबंध तो इन 10 लोगों पर सबसे ज्यादा होगा असर..
बैंगलुरू। आज पूरे देश में सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले नूडल्स मैगी को लेकर बवाल मचा है। सिर्फ दो मिनट में पेट भर का खाना आज देश में प्रतिबंधित होने जा रहा है, दिल्ली, यूपी, केरल जैसे देश के लगभग हर राज्य में इसके सैंपल में मिलावटी और घातक चीजें पायी जा रही है जिसके कारण साल 1982 से भारत के मार्केट पर जबरदस्त कब्जा किये इस प्रोडक्ट पर से आज लोगों का भरोसा उठता दिख रहा है।
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मैगी टेस्टी होती है, मैगी जल्दी बनती है और मैगी हर दिल अजीज है लेकिन आज मैगी लोगों को सहेली नहीं बल्कि दुश्मन नजर आ रही है क्योंकि मैगी के कुछ नमूनों में कुछ नुकसानदेह पदार्थ सीमा से अधिक पाए गए हैं, जो कि खासकर बच्चों की किडनी के लिए सही नहीं है।
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खैर इस विषय पर मंथन चल रहा है और जांच हो रही है, जिसके बाद ही पता चलेगा कि मैगी को मार्केट से हटाया जाये या नहीं.. फिलहाल अगर आज मैगी को पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाता है तो निम्नलिखित 10 लोगों को काफी प्रभाव पड़ेगा।
नीचे की स्लाइडों पर क्लिक कीजिये और जानिए कौन हैं वो दस लोग, जिनली लाइफ पर सबसे ज्यादा इफेक्ट पड़ेगा...

आलसी बीवीयां
मैगी के बंद होने से सबसे ज्यादा असर आलसी बीवीयों पर पडेगा जो कि अक्सर डिनर या लंच में मैगी बना लेती हैं। अगर मैगी बंद हो गई तो इन आलसी बीवीयों का क्या होगा?

अकेले पति
अक्सर बीवीयां जब मायके जाती हैं और थके-हारे पति जब ऑफिस से लेट नाइट घर वापस आते हैं तो भूख शांत करने के लिए मैगी ही बढ़िया समाधान होता है लेकिन अगर मैगी बंद हो गई तो बेचारे इन पतियों का क्या होगा?

हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं
अक्सर हॉस्टल में छात्र और छात्राएं मेस बंद होने पर और मेस के बोरिंग खाने से बचने के लिए मैगी का सहारा लेते हैं, अगर मैगी बंद हो गई तो सबसे ज्यादा दुखी हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं होंगे ही।

बच्चों का क्या होगा?
आजकल कोई घर ऐसा नहीं जहां के बच्चे मैगी ना खाते हों, अगर मैगी बंद हो गई तो इन बच्चों का क्या होगा, जो मैगी के बदले टीवी नहीं देखते और ना ही बाहर जाने की जिद करते हैं और तो और अपनी पढ़ाई भी वो मैगी के बदले बखूबी करते हैं।

शहरों में काम करने वाले लड़के-लड़कियां
अक्सर बड़े शहरों में काम करने वाले बैचलर लड़के-लड़कियां दो मिनट में मैगी बनाकर अपनी भूख शांत करते हैं। मैगी बंद हुई तो सबसे ज्यादा परेशान यही लोग होंगे।

कॉलेज के लड़के
अक्सर कॉलेज में लड़के, लड़कियों पर प्रभाव डालने के लिए मैगी का सहारा लेते हैं क्योंकि मात्र 10 रूपये के मैगी के पैकेट से लड़के, लड़कियों से 10 जन्मों तक के वादे कर लेते हैं क्योंकि बाकी चीजें उनकी पॉकेट मनी से ज्यादा महंगी होती है, लड़कियां मैगी की दिवानी होती है और अक्सर मैगी के लिए हां बोल देती हैं।

कॉल सेंटर
कॉल सेंटर की नाईट शिफ्ट की अस्सी प्रतिशत कैंटिनों में मैगी ही मिलती हैं, ऐसे में अगर मैगी बंद होती है तो कॉल सेंटर में काम करने वालों के दूसरा विकल्प तलाशने में भारी मशक्कत करनी पड़ेगी।

पर्यटक
भारत में आने वाले बाहर से सैलानी तो अक्सर मैगी खाते देखे जाते हैं लेकिन भारत के लोग भी जब एक राज्य से दूसरे राज्य में जाते हैं तो अक्सर खान-पान को लेकर समस्याएं उत्पन्न होती हैं, ऐसे में मैगी ही उनके लिए भूख शांत करने का जरिया होती है।

शाकाहारी लोग
शाकाहारी लोगों को खाने को लेकर देश और विदेश में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ऐसे में वो मैगी को प्राथमिकता देते हैं, मैंगी बंद हुआ तो इनकी तो बैंड बज जायेगी।

बीमार लोगों का सहारा
अक्सर तबियत खराब होने पर घर की रसोई में मैगी पकती है क्योंकि दुनिया का कोई खाना ऐसा नहीं है जो कि मात्र 2 मिनट में पेट भरता हो वो भी बिना जायके के। लोग आसानी से बिना तेल-मसाले की उबली हुई मैगी खा लेते हैं। मैगी बंद हुई तो बीमारी में लोगों का सहारा छूट जायेगा।












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