Mahua Moitra: सांसदी जाने के बाद महुआ मोइत्रा के पास क्या है ऑप्शन? अब आगे क्या करने वाली हैं?
Mahua Moitra expelled as MP cash for query row: तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता महुआ मोइत्रा को 'कैश-फॉर-क्वेरी' मामले में शुक्रवार 08 दिसंबर 2023 को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया है। संसद की एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट के आधार लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने ये फैसला लिया, जो ध्वनिमत से पारित हो गया है। एक और जहां विपक्षी गठबंधन इसे लोकतंत्र की हत्या बता रहे हैं तो वहीं भाजपा महुआ मोइत्रा पर विशेषाधिकार का गलत उपयोग करने का आरोप लगा रही है।
महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से सांसद थीं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर सांसदी जाने के बाद अब महुआ मोइत्रा क्या करेंगी? महुआ मोइत्रा के पास अब क्या-क्या ऑप्शन है? आइए जानें इन सवालों का जवाब?

संविधान के जानकारों के मुताबिक महुआ के पास फिलहाल तीन अहम ऑप्शन है। सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा है कि, सांसदी जाने के बाद, ऐसी स्थिति में महुआ मोइत्रा सबसे पहले चाहे तो समीक्षा व पुनर्विचार करने के लिए संसद से अनुरोध कर सकती हैं। हालांकि उनके अनुरोध में विचार करना है या नहीं...ये फैसला संसद के विवेक पर निर्भर करता है।
दूसरा महुआ मोइत्रा के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है। महुआ मोइत्रा मौलिक अधिकारों और प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन के सीमित के मद्दे को उठाकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल सकती हैं। तीसरा ऑप्शन ये है कि महुआ मोइत्रा संसद के फैसले को स्वीकार करें और आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 में फिर से टीएमसी से चुनाव लड़ें।
इसके अलावा महुआ मोइत्रा आचार समिति के अधिकार क्षेत्र को भी चुनौती दे सकती हैं। महुआ मोइत्रा ने कह सकती हैं कि ये फैसला द्वेष या पूर्वाग्रह से लिया गया है, इसलिए इस मामले को आचार समिति को नहीं बल्कि विशेषाधिकार समिति को देखना चाहिए था।
क्या है महुआ मोइत्रा पर लगाए गए आरोप?
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। जिसपर एथिक्स कमेटी ने संज्ञान लिया है। महुआ मोइत्रा पर दो गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पहला, महुआ मोइत्रा के लॉगिन से 2019-2023 के बीच कुल 61 बार सवाल पूछे गए हैं, जो महुआ मोइत्रा ने बल्कि बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी की तरफ से पूछे गए थे। इसमें ये भी कहा गया है कि सवाल पूछने के बदले में महुआ को दर्शन हीरानंदानी की तरफ से गिफ्ट और कैश मिले हैं।
निशिकांत दुबे ने वकील जय अनंत देहाद्राई के पत्र का हवाला दिया था जिसमें मोइत्रा और हीरानंदानी के बीच कथित आदान-प्रदान के "सबूत" का उल्लेख किया गया था।
महुआ पर दूसरा आरोप ये है कि, उन्होंने संसदीय लॉग इन आईडी और पासवर्ड कई लोगों के साथ शेयर किया था।
महुआ मोइत्रा ने आरोपों से किया इनकार
महुआ मोइत्रा ने इन सारे आरोपों से इनकार करती आई हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सवाल पूछने के लिए किसी से कोई पैसे या रिश्वत नहीं ली है। सांसद के रूप में निष्कासित होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा कि, भाजपा ने हर नियम को तोड़कर ये फैसला लिया है।
महुआ मोइत्रा ने कहा, "इस लोकसभा ने एक संसदीय समिति के हथियारीकरण को देखा है। विडंबना यह है कि नैतिकता समिति, जिसे सदस्यों के लिए एक नैतिक दिशा-निर्देश के रूप में स्थापित किया गया था, का दुरुपयोग किया जा रहा है। इस समिति को ठीक वही करने के लिए मजबूर किया जा रहा है जो कभी नहीं करना था। विपक्ष को कुचलना इनका काम है।''












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