Rahul Gandhi: जानिए क्या है 'मोदी सरनेम' विवाद, जिसमें सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी ठहराया
सूरत जिला अदालत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनकी कथित 'मोदी सरनेम' टिप्पणी को लेकर दायर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराया है।

Defamation case against Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ लंदन में दिए उनके बयान पर बीजेपी ने हंगामा मचा रखा है, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने नोटिस जारी कर उनसे यौन उत्पीड़न वाले बयान पर पीड़िताओं की जानकारी मांगी है। वहीं अब सूरत कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को उनकी कथित 'मोदी सरनेम' टिप्पणी को लेकर दायर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराया है। मोदी सरनेम को लेकर दायर किए गए मानहानि मामले में कोर्ट का 4 साल बाद फैसला आया है। ऐसे में जानिए आखिर ये पूरा मामला है क्या?
सूरत कोर्ट ने दोषी ठहराया
गुरुवार को सूरत सेशन कोर्ट ने राहुल को मानहानि के एक मामले में 2 साल कैद की सजा सुनाई है। इसके बाद उन्हें जमानत मिल गई। राहुल गांधी को उनकी कथित 'मोदी सरनेम' टिप्पणी को लेकर दायर मानहानि मामले में दोषी ठहराया गया है।
4 साल पुराना है मामला
राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद गुजरात बीजेपी विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री पूर्णेश मोदी ने उन पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। दरअसल, ये पूरा विवाद 2019 लोकसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है, जब कर्नाटक में एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
'सारे चोरों के सरनेम मोदी कैसे हैं?'
राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का यह केस चार साल पुराना है। बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के प्रचार के दौरान कर्नाटक के कोलार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था कि 'सारे चोरों के सरनेम मोदी कैसे हैं?' जिस पर सूरत बीजेपी विधायक पूर्णेश मोदी ने मानहानि का केस दायर किया था। बीजेपी विधायक ने राहुल के इस बयान को मोदी समुदाय का अपमान बताया था।












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