क्या होता है रेलवे का 'कवच' सिस्टम, क्या ये रोक सकता था कंचनजंगा ट्रेन एक्सीडेंट? इस बार क्यों नहीं आया काम?

Railway Kavach System: पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी में कंचनजंगा एक्सप्रेस एक्सीडेंट में अब तक 15 लोगों की मौत हो गई है। वहीं दर्जनों लोग घायल हैं। 13174 कंचनजंगा एक्सप्रेस अगरतला से सियालदाह जा रही थी, जब सुबह 8:30 से 9:00 बजे के बीच न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर मालगाड़ी ने पीछे से टक्कर मारी।

इस घटना में मारे गए लोगों में मालगाड़ी के ड्राइवर, असिस्टेंट ड्राइवर और कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन के लोको पायलट की मौत हो गई है। इस हादसे के बाद एक बार फिर से रेलवे का 'कवच' सिस्टम को लेकर बातें होन लगी है।

Railway Kavach System

सोशल मीडिया पर लोगों का कहना कि आखिर भारतीय रेलवे के 'कवच' सिस्टम ने इस हादसे को होने से क्यों नहीं रोका। कईयों का कहना है कि क्या कवच सिस्टम सिर्फ दिखावे के लिए था, ये एक्सीडेंट रोकने में काम क्यों नहीं करता।

आइए जानते हैं कि रेलवे का 'कवच' सिस्टम क्या है और ये कैसे काम करता है। क्या ये कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन एक्सीडेंट होने से रोक सकता था?

What is Railway Kavach System: रेलवे का 'कवच' सिस्टम क्या है?

  • भारतीय रेलवे ने चलती ट्रेनों की सुरक्षा के लिए ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम विकसित की है। जिसको इन्होंने ''कवच'' नाम दिया है। इसे आम बोलचाल की भाषा में 'रेलवे कवच सिस्टम' कहा जाता है। ये भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य चलती ट्रेनों की सुरक्षा को बढ़ाना है।
  • इस कवच टेक्नोलॉजी को अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) ने बनाया है। इसे नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम के तहत अपनाया गया है। ये सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल - 4 मानकों की एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम है।
Railway Kavach System
  • कवच लोको पायलटों को SPAD और ओवर-स्पीडिंग से बचने में मदद करता है और घने कोहरे जैसी प्रतिकूल मौसम स्थितियों के दौरान ट्रेनों के संचालन में सहायता करता है।
  • इस सिस्टम को रेलवे ने साल 2012 में शुरू किया था। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट का नाम Train Collision Avoidance System (TCAS) लेकिन बाद में इसे कवच नाम दे दिया गया।

Features of Kavach: 'रेलवे कवच सिस्टम' की विशेषताएं?

  • 'रेलवे कवच सिस्टम' में कई इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस और सेंसर शामिल होता है। अगर लोको पायलट ब्रेक लगाने में विफल रहता है तो ये सिस्टम स्वचालित रूप से ब्रेक लगाने में भी सक्षम है।
  • 'रेलवे कवच सिस्टम' में कैब में लाइन-साइड सिग्नल देता है, जो उच्च गति और धुंधले मौसम के लिए उपयोगी है। ये निरंतर मूवमेंट अथॉरिटी को अपडेट करता है।
  • 'रेलवे कवच सिस्टम' में रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस भी होता है, जो रेलवे ट्रैक, रेलवे सिग्नल और हर स्टेशन पर एक किलोमीटर की दूरी पर इंस्टॉल किया जाता है।
Railway Kavach System
  • 'रेलवे कवच सिस्टम' लेवल-क्रॉसिंग गेट पर स्वचालित सीटी यानी इंडिकेटर देने का काम करता है। लोको-टू-लोको संचार के जरिए ये ट्रेनों के टकराव को भी बचाता है।
  • दुर्घटना की स्थिति में आस-पास की ट्रेनों को नियंत्रित करने के लिए इसमें एसओएस (SOS) फीचर भी होते हैं।

Kanchanjungha Train Accident Why Kavach missing? कंचनजंगा ट्रेन दुर्घटना के वक्त कहां था रेलवे कवच?

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रेलवे ने 10,000 किलोमीटर कवच के लिए ट्रेंडर्स जारी की है और इसे दक्षिण मध्य रेलवे पर 1,465 मार्ग किलोमीटर और 139 इंजनों (इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट रेक सहित) पर तैनात किया गया है। रेलवे बोर्ड जय वर्मा सिन्हा ने कहा कि कवच गुवाहाटी मार्ग में मौजूद नहीं था।

कवच के लिए अभी डील दिल्ली-मुंबई (अहमदाबाद-वडोदरा खंड सहित) और दिल्ली-हावड़ा (लखनऊ-कानपुर खंड सहित) कॉरिडोर के लिए दिए गए हैं, जो पूर्वी रेलवे, पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे, पश्चिम मध्य रेलवे और पश्चिमी रेलवे में लगभग 3,000 मार्ग किमी को कवर करता है।

Train Accident Helpline Number: इन हेल्पलाइन नंबर पर कर सकते हैं संपर्क?

हेल्प डेस्क नंबर
033-23508794
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गुवाहटी रेलवे स्टेशन

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