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क्‍या है लो अर्थ ऑर्बिट यानी लियो जहां भारत ने सिर्फ तीन मिनट में ढेर किया सैटेलाइट

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    Low Earth Orbit क्या है, Mission Shakti से India ने कैसे रचा इतिहास | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देश के नाम संदेश दिया। उन्‍होंने देशवासियों को बताया कि भारत अब अंतरिक्ष में एक महाशक्ति बन गया है। भारत की एसैट मिसाइल यानी एंटी-सैटेलाइट मिसाइल ने सिर्फ तीन मिनट में 300 किलोमीटर दूरी पर मौजूद लो अर्थ ऑर्बिट यानी लियो पर निशाना लगाया। भारत अब इस 'सर्जिकल स्‍ट्राइक' के बाद अंतरिक्ष में भी दुश्‍मन को खदेड़ने की ताकत रखता है। आखिर क्‍या होता है लो ऑर्बिट और इसे गिराकर भारत ने बुधवार को क्‍या हासिल किया है, जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट।

    यह भी पढ़ें-मिशन शक्ति: क्‍या है एसैट वेपन, जिसका जिक्र किया पीएम मोदी ने

     धरती से 2000 किलोमीटर की ऊंचाई पर

    धरती से 2000 किलोमीटर की ऊंचाई पर

    लो अर्थ ऑर्बिट यानी लियो वह ऑर्बिट है जो धरती के आसपास इसकी सतह से 2,000 किलोमीटर के ऊपर रहता है। इतनी ऊंचाई पर कोई भी सैटेलाइट धरती की कक्षा में 84 से 127 मिनट के अंदर पहुंच सकता है। लियो वह सैटेलाइट सिस्‍टम है जिसे टेलीकम्‍यूनिकेशन और इंटरनेट के लिए प्रयोग किया जाता है। इन सैटेलाइट को डाटा कम्‍यूनिकेशन जैसे ई-मेल, वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग और इस तरह के कामों के लिए प्रयोग में लाया जाता है। लियो, बहुत ज्‍यादा गति से घूमता है और अंतरिक्ष में स्‍थापित नहीं होते हैं।

    4,000 सैटेलाइट इस समय मौजूद

    4,000 सैटेलाइट इस समय मौजूद

    इस समय इस तरह के करीब 4,000 ऐसे सैटेलाइट्स हैं जो सरकारी और प्राइवेट क‍ंपनियों के हैं और धरती के आसपास मौजूद हैं। सैटेलाइट के गिरने के बाद वह कई टुकड़ों में बंट गया होगा और उसके टुकड़े धरती पर गिरे होंगे। गिरते ही वह पूरी तरह से जलकर खाक हो गए होंगे। चीन ने 700 किलोमीटर की ऊंचाई से ऐसे सैटेलाइट को गिराया था। उस सैटेलाइट का मलबा गुरुत्‍वाकर्षण की वजह से धरती पर नहीं गिर सका और अभी तक अंतरिक्ष में ही कहीं तैर रहा है।

    क्‍यों खास है भारत की उपलब्धि

    क्‍यों खास है भारत की उपलब्धि

    भारत ने 300 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद लियो को गिराया है। ऐसे में उसका मलबा धरती पर गिरा होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरिक्ष की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना ही आने वाले समय में युद्ध का नया स्‍वरूप होने वाला है। एसैट वेपन दुश्‍मन को देश की जासूसी करने से रोक सकता है। इसके अलावा अब भारत के पास यह क्षमता है कि वह दुश्‍मन के कम्‍यूनिकेशन को नुकसान पहुंचा दे। भारत पहली बार असैन्‍य अंतरिक्ष कार्यक्रम सैन्‍य अंतरिक्ष कार्यक्रम की तरफ बढ़ा है। हालांकि अभी भी हमारे पास कुछ ऐसे सैटेलाइट हैं जिनके पास दुश्‍मन की जासूसी की क्षमता है।

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    English summary
    A low Earth orbit (LEO) is an orbit around Earth with an altitude above Earth's surface of 2,000 kilometers (1,200 mi).
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