पीएम मोदी से मिले इमरान खान, रिश्तों को लेकर दी एक चेतावनी
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और अब राजनेता इमरान खान ने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान तहरीक-ए-इंसाफ यानी टीटीपी के प्रमुख इमरान खान ने उम्मीद जताई कि हाल ही में इस्लामाबाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के दौरे के साथ रिश्तों में जो शुरुआत हुई है वह जारी रहनी चाहिए।
एक चैनल के कार्यक्रम में बोलते हुए इमरान ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी के साथ हुई इस मुलाकात में कश्मीर से लेकर कई अहम मुद्दों पर बात की।
पढ़ें-अपने पीएम नवाज पर नहीं बल्कि पीएम मोदी पर पाक को भरोसा!
इमरान ने पीएम मोदी की तारीफ भी की। साथ ही यह भी माना कि दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए।
इमरान खान ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच अगर बातवीत चलती रहे और शांति कायम रहे तो फिर आर्थिक हालात भी सुधरेंगे।
इमरान के मुताबिक पाक में भी लोग मानते हैं भारत और पाक के बीच संबंध सुधरने चाहिए। पीएमओ की ओर से भी पीएम मोदी और इमरान खान की इस मुलाकात पर बयान जारी किया गया है।
आगे की स्लाइड पर क्लिक करिए और नजर डालिए कि इमरान खान जब भारत आए तो उन्होंने किन-किन मुद्दों पर अपना रुख पेश किया।

पीएम मोदी को दी चेतावनी
इमरान खान ने पीएम मोदी को चेतावनी देने के अंदाज में यह भी कहा कि 'कुछ लोगों के हितों' की वजह से दोनों देशों के बीच शुरू हुई बातचीत को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। दोनों देशों के बीच बिना किसी रुकावट बातचीत चलती रहनी चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग भी हालिया घटनाक्रम से बढ़ेगा।

बाधाएं की फिक्र न करें
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद इमरान खान ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा लोग बातचीत की इस प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश करेंगे। लेकिन पीएम मोदी को बाधाओं की चिंता किए बिना बातचीत को आगे बढ़ाते रहना होगा।

पीएम नवाज और पीएम मोदी की जिम्मेदारी
इमरान खान के मुताबिक दोनों देशों के नेताओं को लोगों को बताना होगा कि शांति प्रक्रिया के बारे में बताना होगा। आपको बता दें कि जिस समय पीएम मोदी प्रधानमंत्री बनें थे इमरान खान ने दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर कोई ज्यादा उम्मीद नहीं जताई थी।

अलग प्रधानमंत्री हैं पीएम मोदी
इमरान के मुताबिक पीएम मोदी के सााथ उनकी मुलाकात काफी अच्छी और आरामदायक रही। वह कई प्रधानमंत्रियों से मिल चुके हैं लेकिन बातचीत का जो अंदाज पीएम मोदी का नजर आया वह किसी और में नहीं दिखा। इमरान के मुताबिक वह हमेशा से ही दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत के एक सकारात्मक नतीजे की उम्मीद करते थे।

मनमोहन सिंह और मुशर्रफ का जिक्र
इमरान खान ने इंटरव्यू में दो बार कश्मीर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उस समय के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने इस मुद्दे को हल करने में एक सकारात्मक पहल दिखाई थी।

पाक सेना पर दिया जवाब
जहां इमरान खान ने कई सवालों का जवाब दिया तो वहीं वह दाऊद इब्राहीम और लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद से जुड़े सवालों को चालाकी से टाल गए। इमरान ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं कि सेना पाक में सबसे अहम है लेकिन उन्होंने पाक में तख्तापलट की संभावनाओं से इंकार कर दिया।












Click it and Unblock the Notifications