राज्यसभा में हंगामा: सांसदों ने फाड़ी रूल बुक, धरने पर भी बैठे फिर भी आधी रात तक चली संसद
नई दिल्ली। संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच किसान बिल रविवार को राज्यसभा से पास हो गया, उच्च सदन में बिल पर चर्चा के दौरान जब कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर जवाब दे रहे थे उस वक्त विरोधी दलों ने जोरदार हंगामा किया लेकिन भारी विरोध के बावजूद तीनों ही बिलों को ध्वनि मत के आधार पर सदन में पास कर दिया गया, जिस पर विपक्ष ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और इसे लोकतंत्र की हत्या तक करार दे दिया।

Recommended Video
आपको बता दें कि किसान बिल के विरोध में रविवार को राज्यसभा में विपक्ष ने सभी हदें पार कर दीं थी, उसने पहले सभापति के सदन का समय बढ़ाने पर हंगामा शुरू किया, विपक्षी सदस्य वेल में हंगामा करने लगे। इसके बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का जवाब पूरा होने के बाद जब बिल पास करने की प्रक्रिया शुरू हुई तो विपक्षी मत विभाजन की मांग करने लगे, इसके लिए उपसभापति हरिवंश तैयार नहीं हुए तो तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने सदन की रूलबुक फाड़ दी और उपसभापति का माइक तोड़ने की कोशिश की। इस वजह से मार्शल बुलाने पड़े और सदन की कार्यवाही 15 मिनट रुकी रही।
राज्यसभा टीवी की फीड काट दी
हालांकि डेरेक ओ ब्रायन ने बाद में सारे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मैंने ये सब कुछ नहीं किया, वीडियो को भी राज्यसभा के फुटेज से हटा दिया गया है। ये अफवाह उड़ाई जा रही है, वहीं मीडिया द्वारा माइक तोड़ने के आरोप के सवाल पर डेरेक ने कहा कि बीजेपी वाले लोकतंत्र की पीठ ब्रेक कर रहे हैं और आप लोग माइक ब्रेक को लेकर सवाल कर रहे हैं।ब्रायन ने कहा कि सरकार ने धोखेबाजी की है,उन्होंने संसद में हर नियम तोड़ा, राज्यसभा टीवी की फीड काट दी ताकि देश देख न सके,उन्होंने राज्यसभा टीवी को सेंसर कर दिया, ये दादागिरी है।
12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठ गए
यही नहीं हंगामे के बाद जब बिल पास हुआ तो वहीं 12 सांसद सदन में ही धरने पर बैठ गए, सदन में खत्म होने के बाद भी कुछ सांसद राज्यसभा में धरने पर बैठे थे हालांकि बाद में राज्यसभा सांसदों ने सदन के अंदर से धरना खत्म किया और संसद परिसर में गांधी जी की मूर्ति के पास धरना देने लगे, जिसमें कांग्रेस आम आदमी पार्टी, कांग्रेस सहित कई पार्टी के नेता मौजूद थे।
12 विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया
तो वहीं इसके बाद उपसभापति के खिलाफ 12 विपक्षी दलों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया ,जिस पर 100 लोगों के साइन थे। शाम को रक्षा मंत्री राजनाथ समेत छह बड़े मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि राज्यसभा में जो हुआ, वह शर्मनाक था, आपको बता दें कि जहां राज्यसभा में रविवार को जमकर हंगामा हुआ, वहीं लोकसभा की कार्यवाही बिल्कुल शांतिपूर्ण ढंग से आधी रात तक चली। उसके बाद सदन सोमवार शाम 3 बजे तक स्थगित कर दिया गया।












Click it and Unblock the Notifications