टीम मोदी में वेस्ट यूपी से एक भी कैबिनेट मंत्री नहीं, भरपाई के लिए योगी करेंगे ये काम
नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट में वेस्ट यूपी को इस बार 2014 के मुकाबले कम जगह मिली है। प्रदेश से तीन सांसदों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया, जिनमें एक भी वेस्ट यूपी से नहीं हैं। वहीं राज्यमंत्रियों में भी सिर्फ मुजफ्फरनगर से सांसद संजीव बालियान और गाजियाबाद सांसद वीके सिंह का ही नाम है। ऐसे में पार्टी को इससे राज्य के विधानसभा चुनाव में कोई नुकसान ना हो इसलिए योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार कर वेस्ट यूपी के कुछ चेहरों को जगह दे सकते हैं। इसे मोदी कैबिनेट में वेस्ट की कमी को पूरा करने की भरपाई के तौर पर देखा जा रहा है।

यूपी विधानसभा पर नजर
उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। हालांकि अभी इसमें तीन साल का वक्त है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की नजर अभी से विधानसभा चुनाव पर है। माना जा रहा है कि वेस्ट यूपी से गुर्जर और ब्राह्मण चेहरा मंत्रिमंडल में जगह पा सकता है। योगी कैबिनेट में एक भी गुर्जर मंत्री नहीं है। वहीं, ब्राह्मणों की भाजपा से नाराजगी की कुछ खबरें आई थीं, ऐसे में पार्टी ब्राह्मणों को भी खुश रखना चाहती है।

लोकसभा चुनाव में वेस्ट यूपी में भाजपा के हाथ से निकलीं सीटें
हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा लेकिन वेस्ट यूपी की बात की जाए तो 2014 में जीती सात सीटें उसके साथ से निकल गईं। भाजपा में जीती 71 सीटों के मुकाबले भाजपा की इस बार 9 सीटें कम हुई हैं। इनमें से सात सीटें वो पश्चिम यूपी में हारी है। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी वजह वेस्ट को मंत्री कम मिले लेकिन इसका असर पार्टी विधासभा के चुनाव पर नहीं चाहती।

महेश शर्मा, सत्यपाल सिंह को जगह नहीं
मोदी कैबिनेट की दूसरी पारी में वेस्ट यूपी से दो सांसदों को जगह मिली है लेकिन किसी को कैबिनेट में स्थान नहीं मिला। मुजफ्फरनगर के सांसद संजीव बालियान को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं, गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। पिछली सरकार में मंत्री रहे नोएडा सांसद महेश शर्मा और बागपत के एमपी सत्यपाल सिंह को इस बार मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है।












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