West Bengal Election 2026: रवि किशन के रोड शो में भारी बवाल, लोगों ने की जमकर तोड़फोड़ और नारेबाजी
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का रण सज चुका है। पहले चरण के ऐतिहासिक मतदान के बाद दूसरे चरण की 142 सीटों पर कब्जा जमाने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी बीच, चुनावी सरगर्मी उस समय और बढ़ गई जब बीजेपी सांसद और भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन (Ravi Kishan) के रोड शो में भारी हंगामा हुआ।
BJP उम्मीदवार उमेश राय के समर्थन में निकले इस काफिले में कथित तौर पर घुसपैठ और तोड़फोड़ की कोशिश की गई। सड़कों पर उतर आए कार्यकर्ताओं और नारेबाजी के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसने बंगाल चुनाव की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। चुनाव आयोग ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बना ली है।

रोड शो में अफरा-तफरी और झंडे फाड़ने का विवाद
बीजेपी उम्मीदवार उमेश राय के प्रचार के लिए रवि किशन का रोड शो निकाला जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का हुजूम आगे बढ़ रहा था, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने जुलूस के बीच घुसकर नारेबाजी शुरू कर दी।
BJP नेताओं का गंभीर आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने जानबूझकर रोड शो में व्यवधान डाला और पार्टी के झंडे फाड़ दिए। इस दौरान मौके पर काफी अफरा-तफरी मच गई और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई। हालांकि, रवि किशन ने सूझबूझ का परिचय देते हुए गाड़ी से ही मोर्चा संभाला। उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत रहने की हिदायत देते हुए कहा, "हर-हर महादेव बोलते रहो, कोई हंगामा नहीं करेगा, सीधे आगे बढ़ो।"
"हार की घबराहट है यह विरोध", रवि किशन
घटना के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए रवि किशन ने हमलावर रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह विरोध नहीं बल्कि विरोधियों की हार की घबराहट है। किशन ने जोर देकर कहा कि जब चुनाव में हार सामने दिखने लगती है, तो हताशा में इस तरह की हरकतें की जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और डराने-धमकाने की राजनीति का अंत निश्चित है।
नेताओं पर हमलों का सिलसिला जारी
बंगाल के इस चुनावी समर में हिंसा और टकराव की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई दिग्गज नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा है:
शुभेंदु अधिकारी: हावड़ा के बाली में उनके काफिले को रोकने का प्रयास किया गया।
अग्निमित्रा पॉल: आसनसोल दक्षिण में उनके वाहन पर पथराव हुआ, जिससे कार के शीशे टूट गए।
शुभेंदु सरकार: कुमारगंज में बीजेपी उम्मीदवार के साथ मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
अमित शाह: दुर्गापुर में गृह मंत्री के रोड शो के बाद बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें कई लोग घायल हुए।
चुनाव आयोग की सक्रियता और 142 सीटों का समीकरण
बीजेपी का स्पष्ट कहना है कि पहले चरण के भारी मतदान से टीएमसी नेतृत्व में बेचैनी है, जिसके कारण उनके कार्यकर्ता दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इन तमाम घटनाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए चुनाव आयोग ने स्थानीय प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। चूंकि दूसरे चरण में राज्य की 142 महत्वपूर्ण सीटों पर मतदान होना है, ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। फिलहाल राज्य के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं।
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