पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने लेफ्ट फ्रंट के साथ गठबंधन खत्म किया, अकेले लड़ेगी चुनाव
नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों की महागठबंधन की कोशिश को तगड़ा झटका लगा है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने सीपीआई (मार्क्सिस्ट) के साथ सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले को रद्द करने का फैसला लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने सीपीआई पर आरोप लगाया है कि गठबंधन में उसका रवैया सही नहीं है, लिहाजा हम सीपीआई और अन्य सहयोगी दलों के साथ प्रदेश में गठबंधन खत्म कर रहे हैं।

सोमेन मित्रा ने कहा कि सीपीआई और उसके अन्य सहयोगी दलों का व्यवहार अच्छा नहीं है, लिहाजा हम प्रदेश में प्रस्तावित सीटों के बंटवारे के फैसले को रद्द करते हैं। मित्रा ने कहा कि हमने फैसला लिया है कि प्रदेश में हम अकेले ही भाजपा और टीएमसी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। मित्रा ने कहा कि लेफ्ठ फ्रंट ने बिना हमसे सलाह किए प्रदेश की 25 लोकसभा सीटों का 15 मार्च को ऐलान कर दिया, लिहाजा हमने उनके साथ गठबंधन खत्म करने का फैसला लिया है। हम अपनी पूरी ताकत के साथ भाजपा और टीएमसी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे और चुनाव में जीत दर्ज करेंगे।
कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि वह प्रदेश की सभी 42 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। बता दें कि सीपीआई की ओर से जिन 25 सीटों का ऐलान किया गया है उसमे रायगंज और मुर्शीदाबाद की भी सीटें हैं जहां मौजूदा समय में सीपीआई का सांसद है। सीपीआई ने 25 में से 15 सीटों पर खुद के उम्मीदवार का ऐलान किया है। लेफ्ट फ्रंट के चेयरमैन बिम बासुस की ओर से कहा गया है कि 17 संसदीय क्षेत्रों में या तो कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे या फिर सीपीआई के। बता दें कि पिछले महीने मित्रा ने टीएमसी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना से इनकार किया था। मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के चार सांसद हैं।












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