पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका, Alert जारी
नई दिल्ली, 30 अप्रैल। कोरोना संकट से जूझ रहे भारत इन दिनों गर्मी की भी मार झेल रहे हैं, राज्य के कई इलाकों में पारा चालीस पार चला गया है, ऐसे में मई का पहला सप्ताह गर्मी से उबल रहे कई राज्यों के लिए राहत लेकर आ रहा है क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह 1 मई से लेकर 3 मई तक देश के कई राज्यों में बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि हरियाणा, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में आंधी-पानी की संभावना बनी हुई है।

राजस्थान में भी बारिश के आसार
विभाग ने कहा है कि आज और कल , बिहार, झारखंड, बंगाल, असम में हल्की से तेज बारिश संभव है तो वहीं उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में बर्फबारी के आसार हैं। जबकि दक्षिण भारत में भी मौसम पलटी खा सकता है और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश हो सकती है। हिमाचल और उत्तराखंड में हल्की से भारी बारिश की आशंका दिख रही है, यहां यलो अलर्ट जारी हुआ है। तो वहीं गर्मी से उबल रहे राजस्थान में भी बारिश के आसार दिख रहे हैं, इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

नार्थ ईस्ट में भी बारिश के आसार
फिलहाल अगले 24 घंटों के दौरान नार्थ ईस्ट में भी बारिश के आसार दिख रहे हैं। विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने के कारण इन राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मई के शुभारंभ में मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है, ये प्री-मानसून गतिविधि होगी। आईएमडी ने कहा है कि इस साल 96 प्रतिशत से लेकर 104 फीसदी तक वर्षा हो सकती है, जो कि सामान्य से अच्छी बारिश की श्रेणी में आती है।मानसून सीजन जून से लेकर सितंबर तक रहेगा।

इस साल मानसून सामान्य रहेगा
मौसम की जानकारी देने वाले निजी संस्था स्काईमेट ने भी कहा है कि इस बार मानसून सीजन काफी अच्छा रहेगा। जून से ही बारिश का दौर शुरू होगा, जो कि सितंबर तक चलेगा। ये लगातार तीसरा साल होगा, जब मानसून सामान्य होगा। मानसून का अच्छा होना किसानों के लिए शुभ संकते हैं। स्काईमेट ने कहा कि इस बार बारिश अच्छे से बहुत अच्छी होगी। मानसून सीजन समय पर शुरू होगा और वक्त पर ही खत्म होगा, जो कि कोरोना संकट से जूझ रहे भारत के लिए अच्छा संकेत है।












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