इमरजेंसी के बारे में आज की पीढ़ी को बताने की जरूरत: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू
नई दिल्ली: 25 जून, 1975 को लगाए गए 'आपातकाल' को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर चौतरफा हमले किए और इसमें पीएम मोदी भी पीछे नहीं रहे। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कांग्रेस पर हमला बोला और इसे एक काला अध्याय बताया था। वहीं अब उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी आपातकाल लगाए जाने को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और इसे भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए कहा कि आज के दौर में लोगों को पता होना चाहिए कि आपातकाल क्या था?

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि आज की पीढ़ी को ये मालूम होना चाहिए कि आपातकाल क्या था, कैसे लगाया गया और क्यों लगाया गया? हमें लोगों को इसके बारे में बताना है। उपराष्ट्रपति ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कोई भी संवेदनशील सरकार ऐसी हिम्मत नहीं कर सकती है कि वो उस काली रात को दोहराए।
इसके पहले कल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा था कि हमारी पाठ्यपुस्तकों में इमरजेंसी के काले अध्याय का जिक्र जरूर है लेकिन लोकतंत्र पर आपातकाल के असर को ध्यान में रखते हुए इसे पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी इसे जान सके।
बता दें कि इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 की आधी रात को देश में आपातकाल लागू कर दिया था जोकि 21 मार्च 1977 तक जारी रहा। उस दौरान तमाम विपक्षी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया। प्रेस की आजादी छीन ली गई और नागरिक अधिकारों का खुलकर दमन हुआ था।












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