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Visavadar ByPoll Result 2025: विसवादर उपचुनाव में कैसे AAP और BJP की प्रतिष्ठा है दांव पर लगी, कौन मारेगा बाजी

Visavadar (Gujarat) Assembly By-Election Results 2025: गुजरात की राजनीति में विसावदर विधानसभा सीट पर हुआ उपचुनाव आम नहीं है। यह सिर्फ दो उम्मीदवारों के बीच की लड़ाई नहीं, बल्कि दो बड़ी पार्टियों -भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP)-की प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी है। आज 23 जून को विसावदर उपचुनाव के नतीजे आने वाले हैं।

अभी 12 बजे तक 21 राउंड की गिनती में 15 राउंड की गिनती हो चुकी है। जिसमें आप के गोपाल इटालिया 13394 वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं दूसरे नंबर पर भाजपा उम्मीदवार किरीट पटेल हैं। आप के गोपाल इटालिया और बीजेपी के किरीट पटेल के बीच सीधी भिड़ंत है। आइए जानें कैसे ये चुनाव AAP और BJP दोनों की साख का असली इम्तिहान बन गई है?

Visavadar By-Poll Results 2025

कैसे शुरू हुई विसावदर की यह चुनावी जंग?

विसावदर, जूनागढ़ जिले की अहम विधानसभा सीट है, जो पटेल बहुल क्षेत्र मानी जाती है। यहां उपचुनाव की जरूरत तब पड़ी जब 2022 में आम आदमी पार्टी से जीतकर विधायक बने भूपेंद्रभाई गंडूभाई भायानी ने दिसंबर 2023 में पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया और अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।

बीजेपी ने इस बार किरीट पटेल पर भरोसा जताया है। किरीट पटेल 2017 में कांग्रेस के प्रत्याशी रिबाड़िया हर्षदकुमार से हार गए थे, जो बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे और 2022 में आप से हार गए।

लेकिन विसावदर की जनता का एक साफ ट्रैक रिकॉर्ड रहा है -दलबदलुओं को नकारने का। शायद यही वजह है कि भूपेंद्रभाई भायानी ने इस बार खुद मैदान में न उतरने का फैसला किया और भाजपा ने किरीट पटेल पर दांव खेला।

AAP बनाम BJP: सीधी टक्कर, बड़ी लड़ाई

आप के गोपाल इटालिया और बीजेपी के किरीट पटेल के बीच इस सीट में सीधी टक्कर है। दोनों में कांटे की लड़ाई अब तक देखी जा रही है।
गोपाल इटालिया, पटेल समुदाय से आते हैं और पाटीदार आंदोलन से उभरे नेता हैं। आम आदमी पार्टी ने बेहद रणनीतिक अंदाज में नामांकन से पहले ही उन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया था, जिससे उन्हें इलाके में जमीन तैयार करने और जनता से जुड़ने का भरपूर मौका मिला।

इटालिया ने गांव-गांव जाकर प्रचार किया, किसानों के मुद्दे उठाए और किरीट पटेल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। खासकर जूनागढ़ कोऑपरेटिव बैंक से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों ने बीजेपी को बैकफुट पर ला खड़ा किया।

भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर क्यों है?

विसावदर विधानसभा सीट बीजेपी 2007 के बाद से नहीं जीत पाई है। पिछले तीन चुनावों से पार्टी यहां लगातार हारती आ रही है -और 2022 में यह हार 7,000 से ज्यादा वोटों के अंतर से हुई थी।

इस बार बीजेपी ने कोई कोताही नहीं बरती। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से लेकर प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटील तक ने इस सीट के लिए चुनाव प्रचार किया है। पार्टी इस सीट को सिर्फ जीतना नहीं चाहती -वो इसे "गौरव की वापसी" के तौर पर देख रही है।

अगर बीजेपी यह सीट जीत जाती है, तो गुजरात विधानसभा में उसके विधायकों की संख्या बढ़कर 162/182 हो जाएगी। वहीं हारने की सूरत में पार्टी को यह मानना होगा कि उसके गढ़ में अब भी दरारें बाकी हैं।

AAP की परीक्षा: क्या गुजरात में पकड़ बरकरार रख पाएगी?

2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने गुजरात में पहली बार 5 सीटें जीतकर दस्तक दी थी। लेकिन दिल्ली में हालिया हार के बाद पार्टी पर दबाव है कि वह किसी राज्य में खुद को जमीन से जुड़ा साबित करे। विसावदर इस रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है। यह जीत न केवल AAP को गुजरात में मजबूती देगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी राजनीति में फिर से जगह बनाने का मंच बन सकती है।

BJP के लिए यह सीट हार की हैट्रिक तोड़ने और दबदबा कायम करने का मौका है। तो दूसरी ओर AAP के लिए यह सीट खुद को गुजरात में प्रासंगिक रखने और राष्ट्रीय राजनीति में फिर से ताकतवर दावेदार बनने की राह है। और जनता के लिए यह सीट... उन नेताओं को जवाब देने का मंच है, जो पाला बदलते हैं और जनता की भावना को नजरअंदाज करते हैं।

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