विशाखापट्टनम में छिपी है भारत की अगली बड़ी क्रांति, क्या बदल जाएगी देश की डिजिटल तस्वीर?

अदाणी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अदाणी ने मंगलवार को विशाखापट्टनम को भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा हब बनाने का विजन पेश किया। उन्होंने कहा कि यह शहर देश की AI क्रांति का केंद्र बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Visakhapatnam to anchor India's AI revolution

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, किंजरापु राममोहन नायडू और राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश की मौजूदगी में जीत अदाणी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि AI के क्षेत्र में भारत का भविष्य सिर्फ सॉफ्टवेयर इनोवेशन पर ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर तैयार किए गए उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करेगा, जिसे एनर्जी, कनेक्टिविटी और डेटा सिस्टम से ताकत मिले।

बदलाव की रफ्तार का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल पूरे भारत में लगभग 1.3 GW की डेटा सेंटर क्षमता है, जबकि अकेले विशाखापट्टनम में ही करीब 1 GW क्षमता विकसित करने की योजना है। जीत अदाणी ने एनर्जी को AI युग की रीढ़ बताते हुए कहा कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोड में लिखी जाती है, लेकिन इसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत होती है।

उन्होंने आगे कहा कि कंप्यूटिंग के खर्च में बिजली की लागत सबसे बड़ी होती है, इसलिए AI को बड़े स्तर पर अपनाने के लिए सस्ती और भरोसेमंद बिजली बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, भारत को इस क्षेत्र में स्वाभाविक बढ़त हासिल है और अदाणी ग्रुप इस जरूरी इकोसिस्टम को बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

जीत अदाणी ने भारत के डिजिटल भूगोल में आ रहे रणनीतिक बदलाव की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि दशकों से मुंबई और चेन्नई ही मुख्य डिजिटल गेटवे रहे हैं, लेकिन अब विशाखापट्टनम में अंडर-सी केबल लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से एक नया डिजिटल गेटवे उभर रहा है। यह भारत की ग्लोबल कनेक्टिविटी की परिभाषा बदल देगा।

उनके अनुसार, इस कदम से ग्लोबल डेटा फ्लो तक पहुंच आसान होगी, लेटेंसी (डेटा ट्रांसफर में देरी) कम होगी और बड़े पैमाने पर AI वर्कलोड को तेजी से और कुशलता के साथ पूरा किया जा सकेगा। आंध्र प्रदेश सरकार की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में राज्य सरकार विशाखापट्टनम को भारत के AI भविष्य का केंद्र बनाने के लिए पूरी स्पष्टता और तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह बेंगलुरु भारत की टेक्नोलॉजी क्रांति का प्रतीक बना, उसी तरह विशाखापट्टनम देश की AI क्रांति का आधार बनेगा। जीत अदाणी ने गूगल और अन्य दिग्गज टेक कंपनियों के साथ साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि ये सहयोग ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडरशिप, बड़े पैमाने पर कनेक्टिविटी और इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं को एक साथ लाएंगे।

उन्होंने घोषणा की कि अदाणी ग्रुप ने भारत की AI ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए 100 बिलियन डॉलर का निवेश करने का संकल्प लिया है। यह निवेश क्लीन और रिलायबल एनर्जी से चलने वाले बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, डिजिटल नेटवर्क और डेटा सेंटर्स जैसे इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित होगा।

जीत अदाणी ने कहा कि बिजली की कम लागत से कंप्यूटिंग, मॉडल ट्रेनिंग और AI इन्फरेंस का खर्च कम होगा, जिससे इंटेलिजेंस ज्यादा सस्ती और सुलभ हो जाएगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत भविष्य का निर्माण करेगा, इंटेलिजेंस को आकार देगा और AI तक सबकी पहुंच आसान बनाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सफर की शुरुआत विशाखापट्टनम से हो रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+